आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार बुजुर्गों की कहावत है "बेटा अपनी ज़िन्दगी में खूब उन्नति करो, किसी को अगर रोटी न दे पाओ, कोई बात नहीं, लेकिन किसी की रोटी मत छीनना। दूसरे, अपनी ज़िन्दगी में किसी की दुआ न ले पाओ कोई बात नहीं, परन्तु बददुआ मत लेना। बददुआ तुम्हारी ज़िन्दगी को तभा और बर्बाद कर देगी। काटते रहना तांत्रिकों के चक्कर, वह संकेत होगा, तबाही की ओर प्रथम कदम।" जिसे आज कोई समझने का प्रयत्न भी नहीं करता। तत्कालीन प्रधानमन्त्री इन्दिरा गाँधी ने नवम्बर 7,1966 को गौ-हत्या का विरोध कर रहे साधु-समाज पर गोलियाँ चलवा दी, पार्लियामेंट स्ट्रीट साधुओं के खून से लाल हो गयी थी, उस दिन एक एक साधु ने इन्दिरा गाँधी को श्राप दिया था "तेरी भी इसी तरह गोपाष्टमी के दिन मौत होगी।" संयोग देखिए नवम्बर 7,1966 को गोपाष्टमी थी तो 31 अक्टूबर 1984 को भी गोपाष्टमी ही थी और वही बन्दूक से निकलती गोलियाँ। दूसरे,कभी किसी शिक्षा को भी अपनाने का प्रयत्न करना चाहिए। पिताश्री एम.बी.एल.निगम(50 के दशक में चर्चित फिल्म वितरक) का जब एक फिल्म के प्रदर्शन ने इनके फिल्म व्यवसाय को समाप्त कर दिय...