आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार बैठा कुछ पुरानी क्लिपिंग्स में यादों को टटोल रहा था कि पाञ्चजन्य साप्ताहिक की क्लिपिंग हाथ लग गयी, सोंचा कहीं ख़राब न हो जाए, ब्लॉग पर डाल दिया जाए। ताकि मूर्खों के समूह संघ की मूर्खता जगजाहिर कर संघ को देशद्रोही कहने वालों पर तमाचा पड़ सके। सम्भव हो, कि आम स्वयंसेवक से लेकर संघचालक जी को नागवार गुजरे। गुजरनी भी चाहिए। वैसे सबकी अपनी अलग सोंच हैं, मेरी अलग। जिसका जब मन चाहा बोल दिया "संघ देशद्रोही है", "ब्रिटिशर्स से मिले हुए थे", "गोडसे संघ से जुड़ा हुआ था" आदि आदि लांछन लगाते रहते हैं। संघ बस एक विज्ञप्ति दे संतोष कर बैठ जाते हैं। कभी संघ को कलंकित करने वालों के अब से पूर्व यानि मोदी सरकार बनने पर, ("केवल एक अपवाद को छोड़कर जब आजतक चैनल द्वारा विवादित बयान देने पर झंडेवालान स्थित वीडियोकोन टावर पर आजतक के विरुद्ध जबरदस्त प्रदर्शन किया था। तब समस्त मीडिया ने "संघ का मीडिया पर हमला" खूब उछाल कर संघ को बदनाम करने का षड्यंत्र किया था।") खुलकर बोलना प्रारम्भ किया है। संघ ने किसी एनजीओ से कहीं अधिक जनहित म...