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भाजपा 5 करोड़ दे तो 5 लाख मुस्लिम वोट पक्के -- शाही इमाम बरकती

मुस्लिम वोटों के सौदागर शाही इमाम बरकती  कभी ममता बनर्जी के विश्वासपात्र माने जाने वाले पश्चिम बंगाल के शाही इमाम नूर-उर-रहमान बरकती ने कहा है कि वह पैसे लेकर भाजपा के पक्ष में मुस्लिम वोट ट्रांसफर करवा सकते हैं।  टाइम्स नाउ  द्वारा किए गए स्टिंग में इमाम बरकती ने कहा कि यदि भाजपा मुस्लिम वोट हासिल करना चाहती है तो उसे पैसा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा मुझे पांच करोड़ रुपये दे, तो पांच लाख मुस्लिम वोटों का इंतजाम हो जाएगा। टाइम्स नाउ द्वारा किए गए स्टिंग के ऑपरेशन के दौरान जब बरकती से पूछा गया, 'मुस्लिम वोटर कभी दूसरे पार्टी को वोट नहीं करेंगे क्या, ये भी आपसे कहलवाया गया था?' इस प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'सब बात पॉलिटिकली कही गई है। जो सख्त बोलता है वो दिल का साफ होता है.. सब यहीं आए थे...बीजेपी के पास माल-पानी बहुत है, सब रुपया लाए, फकीरों को दे, खिलाया जाएगा सब गरीबों को. फिर देखिए कैसे मुस्लिम वोट भाजपा के पक्ष में जाता है।' यही नहीं बरकती ने कहा 'बीजेपी के सामने मेरी कुछ शर्तें रहेंगी। बीजेपी पैसा दे तो हम चा...

क्या राहुल गाँधी मुग़ल साम्राज्य के अंतिम अध्याय यानि बहादुर शाह ज़फ़र सिद्ध होंगे ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  वैसे तो यह टिप्पणी कांग्रेस के तपस्वी और निर्भीक नेता बाबू गंगाशरण सिंह ने भारत-पाकिस्तान युद्ध से कुछ समय पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के लिए की थी, लेकिन आज यह टिप्पणी पार्टी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर सटीक बैठती है। बाबू गंगाशरण सिंह इस्पाती नेता थे। आज कांग्रेस में ऐसे नेताओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज तो कांग्रेस में प्लास्टिक के नेता भी नहीं है। गंगा बाबू ने लुंजपुंज और ढुलमुलिया लाल बहादुर शास्त्री की कार्यशैली से बेहद ख़फ़ा थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था : कांग्रेस अब मुग़ल साम्राज्य की तरह राजनीति का अंतिम अध्याय बनती जा रही है और लाल बहादुर शास्त्री बहादुर शाह ज़फ़र के ताज़ा संस्करण हैं। बाबू गंगाशरण सिंह रीढ़ वाले नेता थे और रीढ़ में स्टील की रॉड डलने से पहले भी उनका मेरुदंड लौह सशक्त था। उन्होंने यह टिप्पणी शास्त्री जी की उस कार्यशैली पर की थी, जैसा अंदाज़ आजकल राहुल गांधी का हम देखते हैं। लेकिन शास्त्री के लिए गंगाशरण की काफी हद तक गलत थी, क्योंकि पार्टी स्तर पर शास्त्री की भूमिका ...

कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ के जरिए देश को किया विभाजित--अमित शाह

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस वक्त पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उनका यह दौरा अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले संगठन में नई जान फूंकने के मकसद से किया जा रहा है। जून 27 को उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ को स्वीकार किया और यहां तक कि उसे राष्ट्रीय गीत का खिताब भी दे दिया। लेकिन इसके शुरुआती दो छंदों को ही स्वीकार किया गया और बाकी को छोड़ दिया गया। अगर कांग्रेस नेताओं ने यह गलती नहीं की होती, तो आज देश विभाजित नहीं होता। शाह ने कहा कि कांग्रेस का यही कदम बाद में देश के विभाजन के लिए नेतृत्व के साथ तुष्टीकरण नीति की शुरुआत का कारण बना। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ न तो पहले ही किसी धर्म से जुड़ा हुआ था और न ही अब है। इसको लेकर हमने कभी किसी को अंधेरे में नहीं रखा है, लेकिन कांग्रेस ने इसे धर्म से जोड़कर कुछ लोगों के लिए विवाद पैदा कर दिया। कहते हैं कि केवल वंदे मातरम ही, जब सर्वसम्मति से भगवा राष्ट्रीय ध्वज ...

शरद यादव ने राम जन्मभूमि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिया विवादित बयान

आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार   कुर्सी की भूख क्या अजीब होती है, जो तुष्टिकरण के आगे नतमस्तक होकर अपने ही देवी-देवताओं को दरकिनार कर देती है। यादव वंश जिसे श्रीकृष्ण का वंशज कहा जाता है, वही यादव वंश पुरुषोत्तम श्रीराम के विरुद्ध उल्टा-सीधा बोलता रहता है। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री रहते निहत्ते रामभक्तों पर गोलियाँ चलवा देते हैं, तो अब यादव वंश के एक और अपने आपको हिन्दू कहने वाले शरद यादव श्रीराम के विरुद्ध बयानबाज़ी कर चुनावी माहौल में रामजन्मभूमि मुद्दे को जीवित कर दिया है। लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) नेता  शरद यादव  ने  राम जन्मभूमि  को लेकर विवादित बयान दिया है। शरद यादव ने राम जन्मभूमि को लेकर कहा कि उनकी राम जन्मभूमि में कोई श्रद्धा नहीं है। और वह जिंदा आदमी को पूजते हैं। शरद जब ज़िन्दा आदमी को पूजते हैं, तो शायद पितृपक्ष(श्राद्ध) भी मानते हो, सन्देह होता है, क्योंकि यह मृतक पूर्वजों के लिए होते हैं। अगर मानते है, तो मात्र अपने पेट की खातिर कुर्सी बने रहने के लिए दिया बयान, जिसका इन्हे और इनके समर्थकों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनके इस वि...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)