रामजन्मभूमि मंदिर के मुख्य द्धार को ध्यान से देखिए, निर्णय लीजिए क्या यह मस्जिद हो सकती है? आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या में हुई खुदाई में मिले समस्त सबूत पेश किए जाएँ, और उन लोगों के विरुद्ध कोर्ट को धोखा देने के आरोप में दण्डित किया जाए। अयोध्या खुदाई में मन्दिर के इतने अधिक प्रमाण मिले थे, अगर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाता, दुनियाँ की कोई अदालत अयोध्या में मस्जिद बनने की इजाजत नहीं देती। लेकिन मस्जिद मुद्दे पर मालपुए खाने वालों ने कोर्ट में केवल एक खम्बा बता कर, केवल कोर्ट ही नहीं समस्त देश को धोखा दिया है। बुद्धिजीवी मुसलमान अच्छी तरह से जानता है कि कुर्सी के भूखे नेताओं ने इस मुद्दे को उलझा रखा है। मुस्लिम पक्ष हर तरह से निराधार है, हिन्दू जयचन्दों की तरह ये लोग भी अपनी जेबें भर रहे हैं। एक बात और, जब तत्कालीन प्रधानमन्त्री चंद्रशेखर ने वास्तविकता को स्वीकार कर और बातचीत स्तर से बाबरी पक्षकारों का भागना, प्रमाणित तथ्यों को अध्ययन कर जज को घर बुलाकर "इस मुद्दे पर तारीख नहीं फैसला चाहिए", इतना निर्भीक निर्णय लेना वास्तव में ...