गुस्सा किसको नहीं है? लेकिन गुस्से में व्यक्ति तो होश खो सकता है, राष्ट्र नहीं! सब्र करें! वक्त लगता है! 2014 से पहले जिस राष्ट्र के पास 20 दिन का गोला बारूद तक नहीं था, वह एकाएक बिना तैयारी युद्ध में उतर जाए तो फजीहत होनी निश्चित है! पिछले 10 सालों में रक्षा की तैयारी पूरी तरह से ध्वस्त थी! रक्षा खरीद में घोटालों की ऐसी बाढ़ आई हुई थी कि इटली से लेकर ब्राजील तक पूर्व की यूपीए सरकार की रिश्वतखोरी की गूंज अभी भी सुनाई दे रही है! ऐसे में आप सोच सकते हैं कि हमारी रक्षा तैयारियों का किस तरह से जनाजा निकाला गया था! ताज्जुब तो तब होता है कि जब देश को इस दुर्गत में पहुंचाने वाले भी दो साल पुरानी सरकार को प्रवचन दे रहे हैं! और उनके प्रवचन में जिस तरह से लोग बह रहे हैं, उससे जाहिर होता है कि इस देश के लोगों को किस तरह से मूर्ख बनाकर दशकों से हांकने में इन्हें महारत हासिल रही है! वर्तमान मोदी सरकार उन गलतियों को नहीं दोहरा सकती, जिसे लाल बहादुर शास्त्री जी से लेकर अटलबिहारी वाजपेयी सरकार तक ने दोहराया है! 1965 में शास्त्री जी के नेतृत्व में भारत ने लाहौर तक पर कब्जा कर लिया था, लेकिन इसके बावज...