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मीलॉर्ड और हिन्दू विरोधी कपिल सिबल जवाब दो कन्हैया लाल की हत्या से क्या मोहब्बत के फूल बरसे थे? उदयपुर फाइल्स पर रोक लगवाने में सफल हुआ जमीयत, ‘ईशनिंदा’ का बनाया बहाना: दावा – मुस्लिमों को बनाया जा सकता है निशाना, आतंकियों का भी बचाव करता है ये इस्लामी संगठन

       मीलॉर्ड दर्जी कन्हैया का क्या कसूर था? क्या उसकी हत्या से मोहब्बत के फूल बरसे थे? सच्चाई को बाहर आने से क्यों रोका?    राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की हत्या पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैयालाल टेलर मर्डर’ फिल्म की रिलीज पर दिल्ली हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। ये फिल्म शुक्रवार (11 जुलाई 2025) को रिलीज होनी थी। इस फिल्म पर रोक लगाने के लिए जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मुखिया अरशद मदनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। गुरुवार (10 जुलाई 2025) को दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच में चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद को केंद्र सरकार के पास जाकर फिल्म के सीन और उसके सर्टिफिकेशन में बदलाव करने की बात कही है। केंद्र के पास सिनेमेटोग्राफी एक्ट के सेक्शन-6 के तहत फिल्म में बदलाव करने का अधिकार होता है। कोर्ट ने उलेमा-ए-हिंद को जरूरी बदलाव करने के लिए 10 जुलाई 2025 तक का समय दिया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बदलाव किए जाने वाली याचिका पर जब तक निर्णय नहीं ले लिया ज...

कन्हैया लाल का गला कैमरे पर रेतने वाले अब कह रहे उस पर बनी ‘उदयपुर फाइल्स’ मत दिखलाओ: सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कबूल नहीं की याचिका? कपिल सिबल जवाब दो कन्हैया का गला रेता गया था या नहीं? तब कन्हैया के पक्ष में क्यों नहीं कोर्ट गए? हिन्दुओं पर मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा किए रहे अत्याचारों का बचाव करना छोड़ो

                                                                                                            साभार: Bookmyshow सुप्रीम कोर्ट ने कन्हैयालाल की हत्या पर बनी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज के खिलाफ याचिका सुनने से इनकार कर दिया है। यह फिल्म 11 जुलाई, 2025 को रिलीज होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसे रिलीज हो जाने दिया जाए। वहीं इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सुनवाई की है। बुधवार (9 जून, 2025) को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर एक याचिका की सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका कन्हैयालाल की हत्या में शामिल जावेद ने दायर की थी। जावेद का दावा था कि अगर या फिल्म रिलीज हुई तो उसे ‘निष्पक्ष सुनवाई‘ का मौक़ा नहीं मिलेगा। इस याचिका को लेकर सुनवाई कर रही जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमलय बागची की बेंच...

इस्लामी कुरीति पर सवाल उठाना ‘आपत्तिजनक’: PK और ‘हमारे बारह’ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दोहरा रवैया

अलग-अलग फिल्मों के लिए अलग-अलग है सुप्रीम कोर्ट के मापदंड? एक फिल्म आ रही है – ‘हमारे बारह’ । जनसंख्या नियंत्रण की समस्या और इस्लाम में महिलाओं के अपमान पर बन रही अन्नू कपूर अभिनीत इस फिल्म की रिलीज पर देश के सर्वोच्च न्यायालय ने ब्रेक लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी स्क्रीनिंग पर रोक लगाते हुए कहा कि उन्होंने इसका ट्रेलर देखा तो काफी आपत्तिजनक है। इसके डायलॉग्स पर भी आपत्ति जताई गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपत्तिजनक चीजें भरी पड़ी हैं। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जब सुप्रीम कोर्ट आपत्तिजनक चीजें देख रहा है तो उनको दूर कौन करेगा? क्या सुप्रीम कोर्ट को सिर्फ हिन्दू धर्म में ही कुरीतियां पर कार्यवाही करने का अधिकार है? जब सुप्रीम कोर्ट ही दोहरे मापदंड अपनाएगा फिर न्याय कौन करेगा शरीयत कोर्ट? जबकि मुस्लिम देशों में मुस्लिम रीति-रिवाजों में इतने अधिक बदलाव हो चुके हैं, लेकिन भारत का मुसलमान कट्टरपंथियों के हाथ की कठपुतली बन 14वी सदी से बाहर नहीं आना चाह रहा। शायद यही कारण है कि मुस्लिम देश भारतीय मुसलमानों को सम्मानित निगाह देखता। ...

फिल्म ‘XXX’ पर सुप्रीम कोर्ट की एकता कपूर को फटकार : ‘तुम युवा पीढ़ी के दिमाग को दूषित कर रही हो’

वेब सीरीज ‘XXX’ में आपत्तिजनक कंटेंट दिखाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ‘ALTBalaji’ की संस्थापक एकता कपूर को कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एकता कपूर ने इस देश की युवा पीढ़ी के दिमाग को दूषित कर दिया है। एकता कपूर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी वेब सीरीज के जरिए न सिर्फ देश के सैनिकों का अपमान किया है, बल्कि उनके परिवार वालों की भावनाओं को भी आहत किया है। इस संबंध में उनके खिलाफ गिरफ़्तारी के वॉरंट्स जारी हुए थे, जिसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट पहुँची थीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “कुछ तो करना पड़ेगा। तुम इस देश की युवा पीढ़ी के दिमाग को दूषित कर रही हो। ये सबके लिए उपलब्ध है। OTT (ओवर द टॉप) कंटेंट्स को कोई भी देख सकता है। तुम लोगों को किस तरह के विकल्प दे रही हो?” जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रविकुमार ने इस मामले में सुनवाई करते हुए ये कहा। एकता कपूर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने कहा कि पटना उच्च न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, लेकिन आशा नहीं है कि इसे सुनवाई के लिए जल्दी सूचीबद्ध किया जाएगा। उन्होंन...

रिलीज से पहले हो स्क्रीनिंग, ‘अश्लीलता और पोर्नोग्राफी भी दिखाते हैं’: ‘तांडव’ मामले में सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) की कंटेंट हेड अपर्णा पुरोहित की याचिका पर सुनवाई की। वेब सीरीज ‘तांडव’ में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अपर्णा ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इस दौरान अदालत ने अश्लीलता और पोर्नोग्राफी दिखाए जाने की बात कहते हुए कहा कि ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज से पहले  कंटेंट की स्क्रीनिंग  होनी चाहिए। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने कहा, “वास्तव में कुछ प्लेटफॉर्म अश्लीलता भी दिखाते हैं।” पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को नए सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 को प्रसारित करने का निर्देश भी दिया। इसे पिछले सप्ताह अधिसूचित किया गया था। सुनवाई के दौरान अपर्णा पुरोहित की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह चौंकाने वाला मामला है। याचिकाकर्ता अमेजन में काम करती हैं फिर भी उन्हें निर्माता और अभिनेता के साथ आरोपित बनाया गया है। जबकि कंपनी अभियुक्त नहीं है। रोहतगी ने कहा कि ऐसा करने वाले लोग प्रचार के इच्छुक हैं। पीठ न...

क्या केरल में विनाशकारी बारिश और सबरीमाला मामले में जो हो रहा है, उसके बीच कोई संबंध है ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार   वेदों और शास्त्रों में वर्णित नियमों में जब भी छद्दम धर्म-निरपेक्ष द्वारा  समानता या अंध-विश्वास के नाम पर बदलाव किए जाते हैं, प्रकृति अपना रंग दिखा देती हैं, जिसे हम समझ नहीं पाते।  वास्तव में देश को जितनी क्षति छद्दमवाद पहुंचा रहा है, शायद ही कोई पहुंचा रहा है। देश को इन छद्दमों से सतर्क रहना पड़ेगा। अन्यथा पहले उत्तराखंड और अब केरल में बाढ़ रूपी प्रकोप से राष्ट्र को कितनी क्षति होगी, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है।  2013 में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में धारी माता मन्दिर में छेड़खानी करना उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि समस्त भारत को बहुत भारी पड़ा था। मूर्ति को हटाने के कुछ ही क्षणों उपरान्त राज्य में कितनी भयंकर बाढ़ आयी, बादल फटे और चट्टानें पहाड़ों से नीचे गिरीं थी।  उत्तराखंड की मां धारी देवी का रहस्य माँ धारी देवी प्राचीन काल से उत्तराखण्ड की रक्षा करती है, सभी तीर्थ स्थानों की रक्षा करती है । माँ धारी देवी मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है । धारा माता की विशेषता यह है कि माता दिन में तीन बा...

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या IAS अफसर के पोते को भी माना जाएगा पिछड़ा?

प्रमोशन में आरक्षण मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई सवाल किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मान लिया जाए कि एक जाति 50 सालों से पिछड़ी है और उसमें एक वर्ग क्रीमीलेयर में आ चुका है, तो ऐसी स्थितियों में क्या किया जाना चाहिए? कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि आरक्षण का पूरा सिद्धांत उन लोगों की मदद देने के लिए है, जोकि सामाजिक रूप से पिछड़े हैं और सक्षम नहीं हैं। ऐसे में इस पहलू पर विचार करना बेहद जरूरी है। केंद्र ने कहा, ‘1000 साल से झेल रहा है यह तबका’ , इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि 2006 के नागराज जजमेंट के चलते SC-ST के लिए प्रमोशन में आरक्षण रुक गया है। केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि प्रमोशन में आरक्षण देना सही है या गलत इसपर टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यह तबका 1000 से अधिक सालों से झेल रहा है। उन्होंने कहा कि नागराज मामले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ को फैसले की समीक्षा की जरूरत है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को प्रमोशन में आर...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)