देशभर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रभाव के चलते विपक्षी दलों के सामने अपना अस्तित्व बचाने की चुनौती आ खड़ी हुई है. बीजेपी का विजय अभियान रोकने के लिए विपक्षी दलों के नेता अपने-अपने हिसाब से योजना बनाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे के बाद से थर्ड फ्रंट की बात चर्चा में है। विभिन्न दलों के नेताओं के साथ बातचीत के बाद ममता बनर्जी ने भी संकेत दिया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय दलों को एकजुट करके वह गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस विकल्प देना चाहती है। हालांकि क्षेत्रीय दलों के हालिया बयानों पर गौर करें तो ममता बनर्जी के मंसूबे पर पानी फिरता दिख रहा है। आइए 5 बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों के बड़े नेताओं के बयान पर एक नजर डालते है। शरद पवार: ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे के दौरान एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के साथ पार्टी के बड़े नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने कहा था, 'मेरी ममता बनर्जी बनर्जी से बातचीत हुई, जो क...