Skip to main content

Posts

Showing posts with the label sharad yadav

पीडीपी सांसद ने दिया विवादित बयान: कहा- मॉब लिंचिंग नहीं रुकी तो देश के होंगे टुकड़े

पीडीपी के वरिष्ठ नेता और बारामूला से लोकसभा सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने कहा कि गाय तस्करी के आरोपों को लेकर अगर मुस्लिमों की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या नहीं रुकी तो भारत का दूसरा बंटवारा हो सकता है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 19वें स्थापना दिवस के मौके पर यहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने उक्त बातें कही. गौरक्षा के नाम पर पीट-पीट कर हत्या किए जाने के मामले का संदर्भ देते हुए बेग ने कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि गाय के नाम पर मुस्लिमों की हत्या रोकी जानी चाहिए. एक बंटवारा पहले ही 1947 में हो चुका है लेकिन अगर यह जारी रहा तो एक और विभाजन हो सकता है.”  उन्होंने कहा कि पीडीपी ने भाजपा के साथ सत्ता के लिए गठबंधन नहीं किया बल्कि इसलिए कि देशभर के मुस्लिमों और कश्मीरी लोगों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जा सके. लिंचिंग रोकने के लिए गोमांस खाना बंद हो: RSS आरएसएस और बीजेपी के कुछ नेताओं ने कहा है कि गोमांस खाना बंद हो और गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए. उन्होंने गायों की तस्करी के संदिग्धों की भीड़ द्वारा पीट – पीट ...

शरद यादव ने राम जन्मभूमि और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर दिया विवादित बयान

आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार   कुर्सी की भूख क्या अजीब होती है, जो तुष्टिकरण के आगे नतमस्तक होकर अपने ही देवी-देवताओं को दरकिनार कर देती है। यादव वंश जिसे श्रीकृष्ण का वंशज कहा जाता है, वही यादव वंश पुरुषोत्तम श्रीराम के विरुद्ध उल्टा-सीधा बोलता रहता है। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री रहते निहत्ते रामभक्तों पर गोलियाँ चलवा देते हैं, तो अब यादव वंश के एक और अपने आपको हिन्दू कहने वाले शरद यादव श्रीराम के विरुद्ध बयानबाज़ी कर चुनावी माहौल में रामजन्मभूमि मुद्दे को जीवित कर दिया है। लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) नेता  शरद यादव  ने  राम जन्मभूमि  को लेकर विवादित बयान दिया है। शरद यादव ने राम जन्मभूमि को लेकर कहा कि उनकी राम जन्मभूमि में कोई श्रद्धा नहीं है। और वह जिंदा आदमी को पूजते हैं। शरद जब ज़िन्दा आदमी को पूजते हैं, तो शायद पितृपक्ष(श्राद्ध) भी मानते हो, सन्देह होता है, क्योंकि यह मृतक पूर्वजों के लिए होते हैं। अगर मानते है, तो मात्र अपने पेट की खातिर कुर्सी बने रहने के लिए दिया बयान, जिसका इन्हे और इनके समर्थकों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उनके इस वि...

तीसरा मोर्चा: खतरे में अस्तित्व को बचाने के लिए एकजुटता

आर.बी. एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  राजनीति भी क्या तेजी से रंग बदलती है,  गिरगिट भी शायद इतनी तेजी से रंग बदल पाती । आइये, एक नज़र डालते हैं, दलित, भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी, जनसुविधा, महँगाई, मिलावट, साम्प्रदायिकता, खाद्य आपूर्ति, किसान आत्महत्या, क़र्ज़ में डूबता किसान, तस्करी, तुष्टिकरण, आरक्षण आदि आदि समस्याओं को लेकर भारत में कितनी पार्टियाँ बन गयी, क्या किसी समस्या का समाधान हुआ ? हाँ, इन मुद्दों पर बनी पार्टियों के नेताओं की तिजोरियाँ जरूर मोटी हो गयी। लेकिन समस्याएँ निरन्तर बढ़ रही हैं। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसान आत्महत्या आज कोई नया मुद्दा नहीं, बहुत पुराना है। इनकी आड़ लेकर कर्जे पर ऐश करने वालों के विरुद्ध कोई आवाज़ नहीं उठाता, क्यों? आखिर कब इस स्वाँग का पर्दाफाश होगा? एक समय था, जब दिल्ली में भी गांव और खेतों की कोई कमी नहीं थी, परन्तु आज उनकी जगह ऊँची-ऊँची इमारतें बन गयी हैं, मॉल और पीवीआर आदि बन गए हैं, और सरकार अथवा बिल्डर ने यह सब बनाने के लिए उन को मोटा धन भी दिया होगा, लेकिन जब धरने की बात होगी, दिल्ली के धन्नासेठ किसान गरीब बनकर आ जाएँगे।...

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)