कंगना रनौत, केतकी चिताले, सुनैना होले… ने जो झेला उसके तो कुणाल कामरा ने अभी दर्शन भी नहीं किए : यह अभिव्यक्ति की आजादी पर नहीं, तुम्हारी दोगलई पर ‘हमला’ है; अभिव्यक्ति की आज़ादी का रोना वाले सबसे बड़े उपद्रवी हैं
कुणाल कामरा ने कंगना रनौत का बुलडोजर रख कर मजाक उड़ाया था (फोटो साभार: Kunal Kamra/YT) कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ‘गद्दार’ करार दिया है। कॉमेडी की आड़ में राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का कामरा का यह दाँव उल्टा पड़ गया है। शिवसेना कार्यकर्ता अब उससे नाराज हैं। हालाँकि, एक धड़ा ऐसा भी है जो कुणाल कामरा की इस धृष्टता को ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ का नाम दे रहा है। लोकतांत्रिक अधिकारों की दुहाई दे रहा है। कुणाल कामरा के समर्थन में वह लोग तक उतर आए हैं, जो कुछ सालों पहले तक सांसदों-विधायकों की मिमिक्री करने वालों का मुँह सिलने की वकालत करते थे। सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन कुणाल कामरा के समर्थन में उतरी हैं। जया बच्चन ने पूछा है कि ‘फ्रीडम ऑफ़ स्पीच’ कहाँ है। उन्होने प्रश्न उठाया है कि आखिर ऐसे बोलने पर पाबंदी लगाई जाएगी तो मीडिया का क्या हाल होगा। वैसे तो भारतीय लिबरल ‘बोलने की आजादी’ जैसे शब्द का जाप दिन में 100 बार करते हैं लेकिन जया बच्चन के मुँह यह बात शोभा नहीं देती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यही श्रीमती बच्चन बोलने क...