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गुजरात में ये क्या पढ़ रहे हैं बच्‍चे? रावण ने नहीं, राम ने किया था सीता का अपहरण!

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  हम बचपन से ही कहानियों में सुनते और किताबों में पढ़ते आ रहे हैं कि सीता का अपहरण रावण ने किया था और यही वजह है कि यह पूछे जाने पर कि सीता का अपहरण किसने किया था, कोई बच्‍चा भी रावण का नाम लेता है। लेकिन गुजरात में बच्‍चे कुछ और ही पढ़ रहे हैं। वे पढ़ रहे हैं कि सीता का अपहरण रावण ने नहीं, राम ने किया था। मजे की बात यह है कि गुजरात में कई वर्षों से गुजरात में उस पार्टी यानि भाजपा का राज है, जो कहते हैं "कसम राम की खाते हैं, मन्दिर वहीँ बनाएंगे", लेकिन सत्ता के नशे में चूर भाजपा को इतना भी होश नहीं, कि राम के बारे में कितनी गलत जानकारी छात्रों को दी जा रही है? कांग्रेस पर तो सभी आरोप लगाते हैं कि हिन्दुओं को बदनाम किया, लेकिन कांग्रेस पर आरोप लगाने वाले ही जब हिन्दू धर्म को बदनाम करे, फिर किसे दोष दें?  यह हैरान करने वाला पाठ गुजरात बोर्ड की 12वीं की संस्‍कृत की किताब में पढ़ाया जा रहा है। 'इंट्रोडक्शन टू संस्‍कृत लैंग्‍वेज' नामक इस किताब के 106 नंबर पेज पर इसका जिक्र है। इसमें लिखे पैराग्राफ के मुताबिक, 'कवि ने अपनी मौलिक सोच क...

गुजरात : नितिन पटेल के बाद अब कोली समाज के मंत्री सोलंकी बिदके

गुजरात में भले ही बीजेपी ने सरकार बना ली हो, लेकिन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के लिए सरकार संचालन की राह में बारंबार रोड़े अटकाये जा रहे है। स्थिति दिन-प्रतिदिन गम्भीर हो रही है। भाजपा विरोधी वर्तमान सरकार को गिराने में सक्रिया हैं। नितिन पटेल विवाद भाजपा आलाकमान के लिए स्पष्ट संकेत था। डिप्टी सीएम नितिन पटेल के बाद परषोत्तम सोलंकी ने सीएम के पास भारी भरकम पोर्टफोलियो रहने पर अपनी नाराजगी जतायी है।  गुजरात की सत्ता पर बीजेपी छठी बार विराजमान हुई, लेकिन रूपाणी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।सरकार के बनने के बाद पहले डिप्टी सीएम नितिन पटेल की नाराजगी के बाद कोली समाज से ताल्लुक रखने वाले मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी अपने विभाग को लेकर नाराज हो गए है। पुरुषोत्तम सोलंकी के निवास पर बड़ी तादाद में कोली समाज के लोग एकजुट होकर कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे है।  गुजरात में बीजेपी पिछले छह चुनाव में पहली बार 100 के आंकड़े के नीचे आई है। राज्य की 182 सीटों में से बीजेपी को 99 विधायक जीते है। जबकि कांग्रेस ने पिछले चुनाव की तुलना में काफी सीटे बढ़...

गुजरात: नितिन को वित्त ही क्यों चाहिए था?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  गुजरात में छठी बार बीजेपी की सरकार बनने के बाद सीएम विजय रूपाणी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल के बीच जारी आपसी गतिरोध साल के आखिरी दिन खत्म हो गया। गुजरात के सियासी संकट का अमित शाह के एक फोन ने सुखद अंत ला दिया। दिग्गज पाटीदार नेता नितिन पटेल ने उप मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण कर लिया और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे। मालूम हो कि गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल इस बार की सरकार में वित्त, शहरी विकास और पेट्रोकेमिकल विभाग छिन जाने से नाराज चल रहे थे। आखिरकार उनको वित्त विभाग देकर मना लिया गया। राजभवन से नये मंत्रिमंडल की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इससे पहले वित्त विभाग सौरभ पटेल को दिया गया था, लेकिन राजनीतिक संकट के समाधान के लिये उनसे यह विभाग लेकर नितिन को दे दिया गया।  गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल का दबाव रंग लाया. अपने पसंदीदा विभाग न मिलने की वजह से उन्होंने कार्यभार संभालने से इंकार कर दिया था. नतीजा ये हुआ कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री विजय रू...

उपचुनाव से क्यों भाग रही बीजेपी ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  गुजरात में कठिन परिस्थिति में चुनाव जीतने और हिमाचल प्रदेश में घोषित मुख्यमंत्री व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव हार जाने के बाद बीजेपी उप चुनाव में जाने का जोखिम संग संग नही उठाना चाहती। उसका कारण भी है। केन्द्र में अनुमान से अधिक सीटें आने से भाजपा नेता कुछ ज्यादा सत्ता के नशे में चूर हैं। यह कोई आरोप नहीं, कटु सत्य है। आज कमर्ठ कार्यकर्ता पार्टी से दूर हो रहा है, केवल चापलूस नेताओं के इर्दगिर्द घूम रहे हैं।  नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमन्त्री बनने पूर्व स्पष्ट शब्दों में कहा था, "न खाऊंगा और न खाने दूंगा", उसके बाबजूद स्थानीय नेता भगवान  बीजेपी शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले के बाद किसी भी केंद्रीय मंत्री या सांसद का गुजरात और हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की संभावना खत्म हो गई है। गुजरात के मुख्यमंत्री की दौड़ से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मांडविया बाहर हो गए है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की दौड़ से केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर और चुनाव हार चुके पूर्व मुख्यमंत्री ...

हार्दिक बोले- 10 MLA लाइए, कांग्रेस में अच्छा पद लीजिए

गुजरात कैबिनेट में कद के हिसाब मंत्रालय नहीं मिलने से डिप्टी सीएम नितिन पटेल खफा हैं। उन्होंने बीजेपी हाईकमान को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। पटेल ने कैबिनेट से इस्तीफे की बात भी कही है। इस बीच, पास नेता हार्दिक पटेल ने शनिवार को डिप्टी सीएम समेत 10 बीजेपी विधायकों के पार्टी छोड़ने पर उन्हें कांग्रेस में अच्छा पद दिलाने का ऑफर दिया। वहीं, बीजेपी सूत्रों की मानें तो अभी 2-3 दिनों तक नितिन पटेल पार्टी हाईकमान के फैसले का इंतजार करेंगे। पार्टी भी ऐसे ऑप्शन पर विचार कर रही है, ताकि पटेल का सम्मान भी बना रहे और सीएम विजय रूपाणी की जिद को भी ठेस न पहुंचे। नितिन पटेल की नाराजगी पर क्या बोले हार्दिक - शनिवार को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने सारंगपुर में कहा, ''अगर डिप्टी सीएम नितिन पटेल 10 विधायकों के साथ बीजेपी छोड़ने को तैयार हैं तो कांग्रेस में उन्हें अच्छा पद देने के लिए बात करेंगे। बीजेपी उनका सम्मान नहीं कर रही है तो पार्टी छोड़ देनी चाहिए।'' पटेल ने नहीं लिया चार्ज - उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ पाटीदार नेता नितिन पटेल ने कथित तौर पर विभागों के बंटवारे को लेकर न...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)