संघ विषयों पर विशेषज्ञ या शोधकर्ता तो नहीं, लेकिन यदाकदा संघ सम्बन्धी समाचार से अवगत होने पर अपने नोट पैड पर सुरक्षित करता रहता हूँ। लगभग हर मुद्दे पर चुप्पी साधे रखने वाली कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने काफ़ी दिन बाद मुँह खोला है और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी संघ के लिए ज़हर उगला है । सोनिया गांधी ने ये भी पूछा है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का आज़ादी में क्या योगदान रहा है, यह सब इस कारण से हुआ है कि कांग्रेस और वामपंथियों ने इतिहास की वास्तविकता को छुपा कर भ्रमित इतिहास जनमानस के सम्मुख रख, तुष्टिकरण को बैसाखी बना राज करते रहे। यह तुष्टिकरण समूह यह भूल गया कि जिस दिन जनमानस को वास्तविक इतिहास का बोध होगा, इनका नाम लेने वाला तक मिलना बहुत कठिन होगा। इतिहास के जानकारों-- जन्म बेशक आज़ादी उपरान्त हुआ हो-- को शायद स्मरण हो बटवारे के बाद पाकिस्तान के चर्चित अख़बार 'The Dawn" ने लिखा था "... if RSS was formed 10 years before its formation, partition was not possible...." जो अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि संघ की स्वतन्त्रता संग्राम में भूमिका अवश्य रही होगी। ल...