Skip to main content

Posts

Showing posts with the label jayalalithaa

एनपीए पर मोदी के आरोप पर कांग्रेस चुप क्यों है?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  कांग्रेस पार्टी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना चाहिए। उन्हें संसद में पूछना चाहिए कि ऐसा कौन सा “टैक्स” था जिसका पैसा सरकार के खाते में नहीं जाता था? लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का सबसे महत्वपूर्ण अंश यह था जब उन्होंने बताया कि जब तक कांग्रेस सत्ता में थी तब तक बैंकों को लूटने का खेल चलता रहा। उन्होंने कहा कि आजादी के 60 साल के बाद बैंकों ने कुल 18 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में दिए थे, लेकिन 2008 से 2014 के बीच मात्र 6 साल में यह रकम 18 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपए हो गई। पीएम ने पूछा कि 6 साल में यह रकम कैसे दोगुनी (34 लाख करोड़ रुपए) हो गई? प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व में इंटरनेट बैंकिंग आने के पहले ही भारत में फोन बैंकिंग शुरू हो गई थी। इन 6 साल में कांग्रेस ने अपने चहेते लोगों के लिए बैंकों का खजाना लुटा दिया। उसका क्या तरीका था? कागज वगैरह कुछ देखना नहीं था, केवल टेलीफोन आता था कि लोन दे दो। लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन दे दो उसके बाद कोई ...

जयललिता की भतीजी दीपा ने किया नई पार्टी के नाम का ऐलान

तमिलनाडु की दिवगंत मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार उनके जन्मदिन पर अपनी नई पार्टी के नाम का ऐलान कर दिया हैं। दीपा ने जयललिता के जन्मदिवस के मौके पर सुबह 6 बजे से ही राज्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है।  दीपा शुरू से ही एआईएडीएमके का नेतृत्व शशिकला के हाथ में जाने का विरोध करती रही हैं। शशिकला के जेल जाने के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री बने ओ. पन्नीरसेलवम के साथ भी उन्होंने हाथ नहीं मिलाया।    दीपा ने शाम 5 बजे अपने घर से अपनी नई पार्टी और झंडे का ऐलान किया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने अपने सभी समर्थकों को वहां मौजूद रहने को कहा था। गौरतलब है कि दीपा ने जयललिता की मौत पर भी कई सवाल उठाए थे। दीपा जयकुमार ने सवाल उठाए थे कि अगर अस्पताल में सबकुछ ठीकठाक था तो मुझे अस्पताल के गेट पर क्यों रोका गया। उन्होंने कहा था कि मुझे इतना पता है कि जयललिता तनाव में थीं।  दूसरी तरफ, तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम जयललिता के जन्मदिवस पर उनके विधानसभा क्षेत्र आर.के. नगर जाएंगे और वहां लोगों को साइकिल, रिक्शा, साड़ी और मच्छली पकड़ने का सामान बांटेंगे...

शशिकला आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार, टूटा तमिलनाडु का सीएम बनने का सपना

एआईएडीएमके प्रमुख शशिकला नटराजन ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम को पार्टी से निकल दिया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंगलवार को शशिकला को दोषी ठहराया गया है। इसके बाद पार्टी से बगावत कर चुके पन्नीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता कि मौत के बाद उनके विश्वसनीय ओ पन्नीरसेल्वम को राज्य की कमान सौंपी थी। लेकिन कुछ दिनों के बाद सेल्वम ने शशिकला के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। बाद में उन्होंने पार्टी से बगावत कर ली थी। कोर्ट के फैसले द्वारा शशिकला को 4 साल सजा के बाद भी शशिकला ने रिसोर्ट में विधायकों के साथ बैठक की।  शशिकला ने यह बैठक पार्टी की आगे की रणनीति तय करने के लिए की थी। जिस दौरान शशिकला ने पन्नीरसेल्वम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी विधायकों की बैठक में ई. पलानीस्वामी को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शशिकला को तुरंत अदालत जाकर सरेंडर करना होगा। अब उनके पास सिर्फ पुर्नविचार याचिका दायर करने का विकल्प है। जयललिता की ...

शशिकला ने हाईजैक की AIADMK

जयललिता के जाने के कुछ दिनों के अंदर ही शशिकला ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। वो जया के घर पोएस गार्डन में डेरा डाल कर बैठ गई हैं। दक्षिण भारत की राजनीति में चेहरों का महत्व हमेशा से रहा है। अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जयललिता के निधन के बाद उनकी पार्टी मेें कोई ऐसा चेहरा नहीं दिख रहा है जो पूरी पार्टी को एकजुट कर सके। इसी के साथ अब जयललिता के करीबी लोगों ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। शशिकाल जो जया की करीबी मानी जाती है उन्होंने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। अन्नाद्रमुक में इसी बात को लेकर चर्चा है कि क्या शशि पूरी पार्टची को हाईजैक कर रही है। जिस तरह से जया के निधन के कुछ ही दिनों के अंदर वो पार्टी में अपनी पैठ बना रही हैं उस से तो यही लगता है। शशिकला तमिलनाडु में सत्ता का केंद्र बनती जा रही है। मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम भी उनसे मिलने के लिए पोएस गार्ड पहुंचे थे। उनके अलावा लगातार कई मंत्री शशिकला से मिलने के पहुंच रहे हैं। खास बात ये है कि शशिकला ने जयललिता के घर पोएस गार्डन में डेेरा डाल दिया है। जयललिता के जीवित रहते शशिकला के पति नटराजन को पोएस गार्डन में घुसने की अ...

कैसे सोनिया गाँधी ने जयललिता से मिलकर शंकराचार्य जी को फसाया था?

क्या आप जानते है कुछ दिनों से हमारे देश में एक अभियान चल रहा है शंकराचार्य के मठ पर सरकार कब्ज़ा करने जा रही है, कांचीपुरम शंकराचार्य जी के मठ पर सरकार कब्ज़ा करने की पूरी तैयारी कर चुकी है, इसके लिये उनके ऊपर चार्जेस लगाये गए है उनके खिलाफ 2000 पेज की चार्जशीत फाइल की गई है राजीव भाई शंकराचार्य जी के मठ में पिछले 6 साल से जाते थे, और उनकी सभी गतिविधियों में बहुत नजदीक से शामिल थे, शंकराचार्य जी का जो मठ है कांचीपुरम में उसको एक साल में 5000 करोड़ डोनेशन आता है, जी हा 5000 करोड़। एक बार राजीव भाई ने शंकराचार्य जी को पूछा कि इस डोनेशन का ज्यादा कहा पर प्रयोग होता है, तो उन्होंने बताया कि मै इस पैसे का सबसे ज्यादा उन गाँव में प्रयोग करता हूँ जहा पर गरीब हिन्दू इसाई बन गए है। शंकराचार्य जी दक्षिण भारत के गाँव में जो इसाई बने हुए हिन्दू है उनको वापस हिन्दू बनाने में उनका सारा पैसा खर्च होता है। हर साल 5000 करोड़ वो इस काम में खर्च करते है। सारी जानकारी लिख पाना असंभव है ये विडियो देखिए >> राजीव भाई ने एक बार शंकराचार्य जी को कहा कि ये तो बहुत बड़ी रकम है जो आप खर्च कर रहे है...

ब्राह्मण होने की बावजूद क्यों दफनाई गईं जयललिता?

  तमिलनाडु  की मुख्यमंत्री जे.  जयललिता  को पूरे राजकीय सम्मान के साथ मंगलवार को मरीना बीच के पास एमजीआर मेमोरियल में दफनाया दिया गया। जयललिता ब्राह्मण थीं ऐसे में दाह संस्कार की जगह उन्हें दफनाए जाने को लेकर लोगों में जानने की उत्सुकता है। जयललिता आस्था रखने वाली महिला थीं और वह नियमित रूप से अपने माथे पर आयंगर नमम लगाती थीं तो ऐसे में राज्य सरकार और  शशिकला  के परिवार ने आयंगर प्रथा का पालन करने की बजाय उन्हें दफनाने का फैसला क्यों किया? जबकि आयंगरों में दाह-प्रथा प्रचलित है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जयललिता के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से जुड़े सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ऐसा करने के पीछे वजह बताई।  अधिकारी ने कहा, 'वह हमारे लिए आयंगर नहीं थीं। वह किसी जाति एवं धार्मिक पहचान से परे हो गई थीं। यहां तक कि पेरियार, अन्ना दुरई और एमजीआर सहित ज्यादातर द्रविड़ नेता दफनाए गए। नेताओं के दाह-संस्कार करने की हमारे पास कोई मिसाल नहीं है। इसलिए हम शवों को चंदन और गुलाब जल के साथ दफनाते हैं।' नेताओं के स्मारक बनाए जाने से उनके समर्थकों एवं प्रशंसकों को ...

जब तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने बचाई जयललिता की जान

लंबी बीमारी के बाद सोमवार देर रात तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन हो गया। इस मौके पर कोई उन्हें अपने-अपने तरीके से याद कर रहा है। जयललिता ने सोमवार की रात दम तोड़ दिया।  उन्होंने रात 11:30 बजे अंतिम सांस ली और उसके बाद उनका लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया। वह गत 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं। जयललिता का जन्म 24 फरवरी, 1948 को कर्नाटक राज्य के मैसूर में हुआ था। उन्होंने बेंगलुरु के बिशप कॉटन गर्ल्स से हाई स्कूल की शिक्षा प्राप्त की। बाद में जब उनकी मां ने तमिलनाडु की फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्री के तौर पर करियर शुरू किया तो उन्होंने चेन्नई के प्रजेंटेशन कॉन्वेंट में दाखिला लिया। इसी कड़ी में हम आपको बताते हैं 2011 की उस घटना के बारे में जब जयललिता को जान से मारने की कोशिश हुई थी। तब उनको खाने में थोड़ा-थोड़ा जहर दिया जा रहा था। ये महज इत्तेफाक था कि उस साजिश का समय रहते खुलासा हो गया और जयललिता की जान बच गई। ज़हर के असर से तब जयललिता धीरे-धीरे कमजोर होने लग गई थीं। उनकी तबीयत भी अक्सर खराब रहने लगी थी। उन्हीं दिनों तब के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद...

AUTHOR

My photo
shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)