दिल्ली के तीन नगर निगमों के लिए अप्रैल 23 को मतदान कई जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की विश्वसनीयता, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकप्रियता और कांग्रेस के अस्तित्व का प्रश्न बन चुके इस निकाय चुनाव में हालांकि मत प्रतिशत खास नहीं रहा। मतदान के लिए निर्धारित समय शाम 5.30 बजे तक 42 फीसदी मतदान दर्ज किया गया और राजधानी में पड़ रही तेज गर्मी के चलते मतदान प्रभावित रहा। स्थानीय निवासियों ने कई इलाकों में कम मतदान होने की सूचना दी है, हालांकि कई अन्य जगहों पर मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं। मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मतदाताओं और राजनीतिक दलों ने कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की बात कही है। दिल्ली में रविवार को तीनों निगमों के 272 वार्डो के लिए मतदान संपन्न हुआ। नगर निगम में पिछले 10 सालों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता पर काबिज रही है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के आधार पर नगर निगम चुनावों में मतदाताओं को रिझाने में लगी थी। पूर्वी दिल्ली के मौजपुर और उत्त...