मिशन 2019 के लिए कमर कस चुकी प्रदेश कांग्रेस ने पार्टी नेताओं की सुस्ती और निष्क्रियता तोड़ने के लिए सख्त रुख अपना लिया है। सभी नेताओं को साफ कर दिया गया है कि पद पर रहना है, तो काम भी करना होगा। इसी का परिणाम है कि नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों में से 15 को तो नियुक्ति के सप्ताह भर बाद ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। सभी जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा के लिए एक-दो दिन में प्रदेश अध्यक्ष बैठक भी करने वाले हैं। 24 जुलाई को 14 में से 12 जिलों के अध्यक्ष और 31 जुलाई को 280 में से 220 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा की गई थी। तीन अगस्त को कॉस्टीट्यूशन क्लब में इन सभी का सम्मेलन रखा गया था। हालांकि 15 ब्लॉक अध्यक्ष सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने इस संबंध में कोई सूचना भी नहीं दी। नतीजा, इन सभी को अब पार्टी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। अब सभी के जवाब आ रहे हैं। कोई विदेश में था। कोई कांवड़ लेने गया था। कोई बीमार था। किसी की पारिवारिक मजबूरी थी। पार्टी ने इन सभी जिला एवं ब्लॉक अध्यक्षों को 14 अगस्त तक कार्यालय खोलने का निर्देश भी जार...