जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगने के बाद सेना और पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में तेजी लाने के संकेत दिए हैं। राज्य के डीजीपी एसपी वैद ने कहा है कि राज्यपाल शासन लगने से आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाना काफी आसान हो जाएगा। आतंकियों के खिलाफ हम बेहतर तरीके से हमारी रणनीति को लागू कर पाएंगे। इसका असर आने वाले वक्त में घाटी की सुरक्षा पर दिखेगा। वहीं, आर्मी चीफ बिपिन रावत ने जून 20 को कहा कि सेना आतंकियों के खिलाफ पहले जैसी ही कार्रवाई करेगी, राजनीतिक घटना का हमारे अभियानों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। भाजपा ने जून 19 को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी से गठबंधन तोड़कर महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद राज्यपाल की सिफारिश पर बुधवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यपाल शासन को मंजूरी दे दी। कश्मीर में अब तक 8 बार राज्यपाल शासन लग चुका है। पीडीपी और भाजपा के बीच सवा तीन साल पहले गठबंधन हुआ था। सीजफायर से आतंकियों को फायदा मिला एसपी वैद ने बताया, "कश्मीर में रमजान के दौरान आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन पर रोक लगाई गई थी। आतंकियों को इससे काफी ...