आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार एक कहावत है "जाको राखो साईयाँ, मार सके न कोय" नरेन्द्र मोदी पर शत-प्रतिशत चरितार्थ होती है। इनके मुख्यमन्त्री कार्यकाल से लेकर आज तक इनकी जीवन लीला पर पूर्णविराम लगाने की पता नहीं, कितनी योजनाएँ बनी, परमपिता परमेश्वर की कृपा से समस्त योजनाएँ निष्फल होती जा रही हैं। 2014 चुनाव पूर्व बिहार रैली के दौरान गाँधी मैदान में किस तरह से बम पटाखों की भांति फोड़े जा रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने मोदी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन मोदी ने यह कहकर "लाखों में जनता मुझे सुनने आयी है", रैली स्थल की ओर चल दिए। शायद वही पहली रैली थी, जिसमे अपना भाषण समाप्त कर, दुबारा माइक पर आकर जनता से आराम से घर जाने का अनुरोध किया था। अब जो आदमी बारूद ढेर पर भाषण देने की क्षमता हो, तब इसे क्या कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने वाला लश्कर-ए-तयैबा से जुड़े व्यक्ति को पुलिस ने एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को मुरादाबाद पुलिस ने आरोपी को फर्जी कागजात रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जिनमें नकली पासपोर्ट भी शामिल है। ...