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विमुद्रीकरण से आज की परेशानी से ईमानदार नागरिकों को फूलों की सेज़ मिलेगी -- कमल जीत

  गत दिसम्बर 23 को स्वदेशी जागरण मंच झंडेवालान विभाग की चर्खे वालान, चावड़ी बाजार, दिल्ली में कमल जीत, दिल्ली एवं हरियाणा प्रांत संगठक, की अध्यक्षता में नोट बंदी पर  एक गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमे यशवंत सिंह चौहान, विभाग संयोजक, अशोक तंवर सिंह, पूर्व अध्यक्ष दिल्ली केंट, एवं रमेश नम्बरदार, सुनील बंसल, ज़िला संयोजक करोल बाग़, आदि के अतिरिक्त सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया . इस गोष्ठी का संचालन करते क्षेत्रीय संघर्षवाहिनी प्रमुख  पवन शर्मा ने केन्द्रीय सरकार द्धारा नोटबंदी के दूरगामी परिणामों से अवगत करवाया . पवन ने आगे  कहा कि देश में पनपे भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करने के लिए हमें प्रधानमन्त्री मोदी के कैशलेस नीति को अपनाना चाहिए .पेटीएम या इ-बैंकिंग या फिर आधारकार्ड के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान में कोई भ्रष्टाचारी  और अन्य अर्थव्यवस्था विरोधी व्यवथान उत्पन्न नहीं कर पाएगा . हमारा कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री के इस कदम को मजबूत करें न की कमजोर .यदि यह कदम कमजोर पड़ा, इससे होने वाले दुष्परिणाम जनता को ही भुगतने होंगे . इस गोष्ठी में सीताराम बाजार भा...

आतंकवादियों को आधुनिक हथियार और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले देशो का बहिष्कार हो

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू ने अगस्त 27  को एक फेसबुक पोस्ट में पूछा है कि कश्मीरी  उग्रवादियों के पास आधुनिक हथियार कहां से आते हैं?  क्या वो आसमान से बरसते हैं? इससे पहले अगस्त 26  को जस्टिस काटजू ने एक अन्य पोस्ट में कहा था कि जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर समस्या का राजनीतिक समाधान संभव है वो भ्रम में हैं। जस्टिज काटजू मानते हैं कि कश्मीर समस्या के पीछे चीन का हाथ है। जस्टिस काटजू ने शुक्रवार को भी कश्मीर मसले पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी राय रखी थी। जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि जो लोग सोचते हैं कि कश्मीर समस्या का हल राजनीतिक बातचीत से संभव है वो मूर्खों की जन्नत में जी रहे हैं। उन्हें जमीनी हकीकत नहीं पता है। कश्मीरी उग्रवादी अत्याधुनिक हथियारों और सामग्री का प्रयोग करते हैं। ये अत्याधुनिक हथियार और सामग्री कहां से आती है? ऐसे अत्याधुनिक हथियार आसमान से नहीं टपकते। जाहिर है कुछ बाहरी ताकतें इनकी आपूर्ति करती हैं और उग्रवादियों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देती हैं। जस्टिस काटजू ने अपनी पोस्ट में कहा है कि कश्मीर में आजा...

मोदी के जाल में बुरी तरह फंसा पाकिस्तान

मोदी से पाकिस्तान और उसके आतंकवादी पहले ही थर थर कांपते थे लेकिन पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का हाथ बढाकर मोदी ने इशारा किया था कि – भाई मुझसे डरने की जरूरत नहीं है, जब तुम मुझे छेड़ोगे नहीं तो मै तुम्हे काटूँगा नहीं, मोदी ने पाकिस्तान को एक बार सुधरने का मौका दिया था लेकिन  पाकिस्तान नहीं माना और आतंकवादी हाफिज सईद के बहकावे में आकर बहुत बड़ी गलती कर बैठा। हाफिज सईद ने पंजाब के पठानकोट पर हमला करवा दिया और पाकिस्तान ने हाफिज सईद का समर्थन कर दिया, इसके अलवा पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं बढाकर मोदी की राह में कांटे बिछाने लगा, कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं बढ़ाकर पाकिस्तान दो काम करना चाहता था – एक तो मोदी के खिलाफ विपक्षी पार्टी कांग्रेस को मुद्दे देना ताकि कांग्रेस मोदी पर आतंकवादी घुसपैठ बढ़ने का आरोप लगा सके और दूसरा पाकिस्तान में जिहाद फैलाकर वहां के युवाओं को आतंकवादी बना सके ताकि उसका इल्जाम भी मोदी पर लगे। पाकिस्तान की चाल कुछ हद तक कामयाब भी हुई क्योंकि भारत की विपक्षी पार्टियों जैसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मोदी पर कश्मीर में हिंसा और आतंकवादी घुसपैठ बढ़ने के आरोप लगा...

भाजपा सांसद ने बताया, क्या है कश्मीर समस्या की असली जड़

कश्मीर में आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में जारी हिंसा पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाते हुए पूरी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। गुलाम नबी के एक के बाद एक आरोपों से बैकफुट पर नजर आ रही सरकार की तरफ से मोर्चा संभाला जम्‍मू कश्मीर से भाजपा सांसद शमशेर सिंह मिन्हास ने। उन्होंने इस पूरी बहस पर ही यह कहते हुए सवाल खड़ ा कर दिया कि जब जम्‍मू कश्मीर की बात की जाती है तो जम्‍मू और लद्दाख के लोगों को क्यों भुला दिया जाता है। कश्मीर से ज्यादा आबादी जम्‍मू और लद्दाख में निवास करती है उनकी चर्चा क्यों नहीं होती? उनके हितों की बात क्यों नहीं होती? कहा राज्य के 55 फीसदी लोग जम्‍मू रीजन में बसते हैं इनमें से सात लाख युवा विभिन्न डिग्रियां लेकर भी बेरोजगार बैठे हैं क्या वे गन नहीं उठा सकते या वो भी आजादी का नारा नहीं दे सकते। नहीं, वे लोग आज भी अपने देश के साथ हैं। कश्मीर की लड़ाई राष्ट्रवाद बनाम अलगाववाद की मिन्हास ने गुलाम की उस बात पर भी सवाल खड़ा कर‌ दिया जिसमें उन्होंने कहा कि कश्मीर की लड़ाई युवाओ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)