गत दिसम्बर 23 को स्वदेशी जागरण मंच झंडेवालान विभाग की चर्खे वालान, चावड़ी बाजार, दिल्ली में कमल जीत, दिल्ली एवं हरियाणा प्रांत संगठक, की अध्यक्षता में नोट बंदी पर एक गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमे यशवंत सिंह चौहान, विभाग संयोजक, अशोक तंवर सिंह, पूर्व अध्यक्ष दिल्ली केंट, एवं रमेश नम्बरदार, सुनील बंसल, ज़िला संयोजक करोल बाग़, आदि के अतिरिक्त सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया .
इस गोष्ठी का संचालन करते क्षेत्रीय संघर्षवाहिनी प्रमुख पवन शर्मा ने केन्द्रीय सरकार द्धारा नोटबंदी के दूरगामी परिणामों से अवगत करवाया . पवन ने आगे कहा कि देश में पनपे भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करने के लिए हमें प्रधानमन्त्री मोदी के कैशलेस नीति को अपनाना चाहिए .पेटीएम या इ-बैंकिंग या फिर आधारकार्ड के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान में कोई भ्रष्टाचारी और अन्य अर्थव्यवस्था विरोधी व्यवथान उत्पन्न नहीं कर पाएगा . हमारा कर्तव्य है कि प्रधानमंत्री के इस कदम को मजबूत करें न की कमजोर .यदि यह कदम कमजोर पड़ा, इससे होने वाले दुष्परिणाम जनता को ही भुगतने होंगे .
इस गोष्ठी में सीताराम बाजार भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश गुप्ता ने इस कदम से व्यापारी वर्ग में उत्पन्न हो रहे भय को अधिकारियों के सम्मुख रखा, जिसका अधिकतर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने समर्थन किया . आज व्यापारी अपने ही व्यापारी भाई पर एक रूपए का भी विश्वास करने को तैयार नहीं, उसको डर है कि पता नहीं किस पल सरकार क्या अधिसूचना ले आए . इस बात का समर्थन करते अन्य उपस्थित साथियों ने कहा इस डर को निकालना अतिआवश्यक है, जितना शीघ्र इस भय को निकालने में सरकार सफल होगी, कालाबाज़ार और भ्रष्ट तंत्र पर किया गया कुठाराघात जरुरत से अधिक सफल होगा .
संजय सैनी ने बताया कि विमुद्रीकरण ने स्वर्ण व्यापार पर प्रहार करने के अलावा हवाला पर भी अपना प्रभाव दिखाया है . व्यापारी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह जो अपना माल भेजता है उस माल की कीमत की वसूली हवाला के द्धारा ही करता था, जिसकी सरकार को कोई जानकारी तक नहीं होती थी .जिस कारण सेल्स टैक्स आदि में जो सरकार का नुकसान होता था , उसकी भरपाई पार्टियों को चन्दा आदि दॆकर की जाती थी और अब कैशलेस होने के कारण हर लेनदेन सरकार की निगाह में रहेगा . जो निकट भविष्य में शुभ परिणाम देगा . इतना ही सरकार द्धारा अब तक इतने जो परिवर्तन किये जा चुके है, इसे कोई अन्यथा न ले, यह विरोधियों को उनकी हर चाल को नकाम करने का प्रयास है, जनता या किसी व्यापारी को डराने का प्रयास नहीं .किसी ईमानदार को डरने की जरुरत नहीं .
मोहन लाल “बाबा" ने धर्म-जाति से ऊपर उठकर सरकार को कार्य करने का निवेदन किया कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार, हवाला और कालाबाज़ारी पर बहुत बुरा असर जरूर पड़ा है, जबकि दिल्ली जामा मस्जिद के निकट मीना बाजार में चिड़िया, तीतर, बटेर आदि के नाम पर क्या हो रहा है? क्या दिल्ली पुलिस और सरकार की गुप्त सूचना अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं?
गोष्ठी में सुनील बंसल ने कहा कि माना विमुद्रीकरण के बाद बैंकों को दिए 48 करोड़ के नए नोट की खेप कालाधन सफ़ेद करने की भेंट चढ़ गयी, लेकिन यदि सरकार गम्भीरता से आधार/पैनकार्ड पर नोट बदले जाने की जाँच करे, गरीबी का चोला ओढे कमीशनबाज़ ही नहीं कई नेता और कालाधन जमा कर अर्थव्यवस्था को चरमराने वालों के नाम सामने आएंगे .दूसरे यह कि रिज़र्व बैंक को चाहिए की अब तक पकडे गए नोटों की सीरीज की जाँच की जाए कि यह सीरीज किस-किस बैंक को सप्लाई की गयी थी और नोट जनता के पास जाने की बजाए कालाधन के कुबेरों के पास कैसे पहुंचे?
अतुल सक्सेना ने कहा कि एक तरफ मोदीजी और सरकार बैंक कर्मियों की प्रशंसा करते नहीं थक रही थी, उसके विपरीत वही बैंक कर्मी पीठ में छुरा खोंप जनता को परेशान कर विमुद्रीकरण को बदनाम करने में व्यस्त थे . ऐसे लोगों के विरुद्ध सरकार को सख्ती से पेश आना चाहिए . चावड़ी बाजार में कुछ बैंकों के शटर कब खुलते हैं और कब बंद होते हैं, पता ही नहीं चलता
सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि सरकार के कदम का जनहित में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है . स्मैक, के अलावा म्याऊँ म्याऊँ नाम से आयी युवा को पदभ्रष्ट करने वाली नशीली ड्रग, जो गली-कूचों से लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक खूब सेवन हो रही थी, इस विमुद्रीकरण ने इसे बंद कर, समाजहित में बहुत बड़ा उपकार किया है . सट्टाखोर खामोश, जुआरी खामोश आदि अनेको सामाजिक कुरीतियों पर यह अत्याधिक प्रभावी रहा है . इतना ही नहीं, भूमिमाफिया पर भी कुठाराघात हुआ है . संपत्तियों के दामों में भी गिरावट आनी शुरू हो चुकी है . जनजीवन पर पड़ रहे इन अच्छे कामों को कोई मीडिया प्रसारित नहीं कर रहा .
अमर कनौजिया ने कहा की पेटीएम आदि द्धारा भुगतान करने पर जो टैक्स लगता है वह जनता पर अप्रत्यक्ष रूप से जनता पर ही भार है ,आखिर जनता किस-किस पर कितना टैक्स देगी?आज कौन से चीज़ बिना टैक्स के है ? पेट्रोल, डीजल, मोबाइल चार्ज, टेलीफोन, बिजली, पानी, रोड टैक्स, टोल टैक्स, मनोरंजन टैक्स, और अब भुगतान करने पर भी टैक्स, हाउस टैक्स आदि कोई भी बिल देखिये सब पर कोई न कोई टैक्स लगा ही होता है .आखिर कौन कितने टैक्स देता रहेगा?
शिव शंकर शर्मा ने बताया कि कालेधन वालों की बैंकों से हुई साठगांठ के कारण जनता को कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन बाजार पर इसके अच्छे संकेत आने प्रारम्भ हो चुके हैं .जैसे कि सब्ज़िओं और दालों के दामों में गिरावट आदि . क्योंकि लोग 2000 के नोट को रखने की बजाए खर्च कर रहे हैं, इस कारण मुद्रा केवल कालाधन जमाकर्ताओं के पास रुकने की बजाए चलन में है. केवल विमुद्रीकरण विरोधी ही ट्रक के ट्रक भरे टमाटर सड़क पर फेंक पैरों से कुचला है, उस दिन के उनके खाते जाँच करने पर 500/1000 के कालेधन को अपने-अपने खातों में जमा करवाए . कुछ चैनल वालों को बुलाकर नोटबंदी के विरुद्ध दर्शाया की “जनता के पास खाने के लिए पैसे ही नहीं ,बाजार में खरीदार ही नहीं, जिस कारण किसान और सब्ज़ी वाले भूखे मर रहे हैं,मोदी हाय-हाय के नारे लगाने का ड्रामा कर दूसरे रास्ते से अपने कालेधन को सफ़ेद कर रहे थे . विदेशों में इस नोटबंदी से हो रही बैचैनी पर पर्दा डलवा दिया .” विमुद्रीकरण का कश्मीर से लेकर पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश आदि देशों पर भी कुठाराघात हुआ है .
दिल्ली कैंट के पूर्व चेयरमैन तंवर सिंह ने कई शंकाओं को मात्र एक विरोधियों का षड्यंत्र बताया .यह हम सब का कर्तव्य है कि इस तरह की भ्रांतियों से जनता को सावधान करना चाहिए . टैक्स केवल एक ही बार लगेगा,बार-बार नहीं . जनता को इस बात से अवगत करवाना चाहिए कि “सरकार के अगर टैक्स में वृद्धि हो रही है, तो सरकार उस वृद्धि को जनता के साथ साझा कर रही है .आने वाले बजट में आयकर सीमा में वृद्धि होने वाली है .जिसका प्रभाव भारत के हर नागरिक को कुशलता की ओर अग्रसर करेगा .
विभाग संयोजक यशवंत सिंह चौहान ने तंवर सिंह की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अब तक हर नागरिक जो अपने आप को मात्र एक मतदाता समझ रहा था, वह मात्र एक मतदाता नहीं, बल्कि सरकार के प्रत्येक काम में, योजना बनाने के अतिरिक्त, हर काम में बराबर का भागीदार होगा . आनेवाले समय में हर भारतवासी अपने आपको ठगा हुआ महसूस नहीं करेगा . अब स्कूल और कॉलेज में पेटीएम,या इ-बैंकिंग के माध्यम से फीस जमा करने की सुविधा . प्रधानमन्त्री मोदी ने फल वृक्ष जो लगाया है, उस पर आने वाले फलों का आनंद हमारी आने वाली पीढ़ी लेगी, क्योंकि हर जगह इतनी पारदर्शिता आ जाएगी, किसी को शंका करने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी . सबसे मुख्य लाभ जो राष्ट्रीय हित में हुआ है, जिसे मीडिया प्रसारित नहीं कर रहा है “कश्मीर में सुरक्षा कर्मियों पर पत्थर,एसिड आदि फैंका जा रहा था, अलगाववादियों ने किस तरह भारत के स्वर्ग को नर्क बना दिया था, भारत को विभाजित करने का षड्यंत्र रच रहे थे; बच्चों को स्कूलों में जाने से रोका जा रहा था; स्कूलों में आग लगाई जा रही थी; इतना ही नहीं, नक्सलवाद किस तरह उपद्रव मचा कर, अशांति फ़ैलाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे, अब क्यों नहीं होता? क्यों नक्सली आज आत्मसमर्पण कर रहे? क्योंकि जिस कालेधन पर घिनौना खेल खेला जा रहा था, इस नोटबंदी ने उनको कंगाल कर दिया . यही मोदी सरकार की सबसे बड़ी जीत है . यह वह उपलब्धि है, जिसे मीडिया प्रसारित नहीं कर रहा, मीडिया केवल विरोधियों के हाथ खेल दुष्प्रचार कर रहा है . लेकिन इस उपलब्धि को घर-घर पहुँचाना आप लोगों का राष्ट्रधर्म है . भाजपा के आप ही हाथ, पैर और शक्ति हैं .
अंत में दिल्ली एवं हरियाणा प्रान्त संगठक कमल जीत ने कहा कि इस विमुद्रीकरण से जनता को बहुत परेशानी जरूर हुई है, इसमें किसी को शंका भी नहीं होनी चाहिए . लेकिन जिन तत्वो के कारण परेशानी हुई, सरकार उनको फूलों की सेज़ देने के मूड नहीं, जो पैसा जनता के पास जाना था, बैंक कर्मियों के माध्यम से कालेधन के नागों के पास पहुँच गया .ये कालेधन नाग खुद तो मरे ही अपने साथ बैंकवालों को भी बिन मौत मरवा दिया . अब लगभग सात दशक से चरमराई अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से पटरी पर लाने के लिए जनता को हुई आज की परेशानी कल सुखदायी सिद्ध होने वाली है, इस बात से सब लोग निश्चिंत रहे . जब मकान की नीव खोदी जाती है ,धूल मिट्टी होती है और जब भवन बनकर सामने आता है, लोग उस समय की धूल-मिट्टी को भूल जाते हैं, ठीक वाली स्थिति जनता की होने वाली है .हमें कालाधन नागों की हुंकारो को ही नहीं उनके फन को भी कुचलना है . और इस कदम में सरकार के साथ कदम मिलाकर चलना होगा .
अंत में इस गोष्ठी के संयोजक पवन शर्मा ने सभी का ह्रदय से आभार प्रकट कर,जलपान आदि से सम्मान किया . 


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Dalip Kumar
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