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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। -- सैय्यद अथर हुसैन देहलवी

ये हैं पर्दानशीं की बेशर्मायी   कश्मीर मुद्दा आज के समय में एक ऐसा मुद्दा बन चुका हैं जिसके चलते आये दिन कोई-ना-कोई नहीं कहानी देखने सुनने को मिल ही जाती है। कश्मीर भारत का हिस्सा है और हमेशा ही रहेगा। हालाँकि इस देश में अभी भी कुछ ऐसे अलगाववादी नेता हैं जिनका बस चले तो आज ही वो कश्मीर के हिस्से कर दें। उनका मानना है कि कश्मीर पाकिस्तान के हिस्से में जाना चाहिए। इस मुद्दे पर पाकिस्तान का भी यही रुख है। खैर सच तो यही है कि कश्मीर हमारा था, हमारा है, और हमारा ही रहेगा। इसी मुद्दे पर हाल ही में एक मौलवी साब ने कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया जिसके बाद लोग पहुँच गए उस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देने। क्या कहा मौलवी ने?  जिस मौलवी की हम यहाँ बात कर रहे हैं उनका नाम है सैय्यद अथर हुसैन देहलवी. मौलवी सैय्यद ने हाल ही में एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने लिखा कि “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर आतंकियों को शय देने वाले मुल्क पाकिस्तान से या फिर दुनिया के किसी भी अन्य देश से बात कर भारत की ही संप्रभुता के खिलाफ होगा.” क्या थी ...

हिन्दू बच्चों से नमाज पढ़वाये जाने पर छद्दम धर्म-निरपेक्ष कहाँ गए?

स्कूलों में योगा करवाने, गायत्री मन्त्र, वन्दे मातरम बोलने या राष्ट्रगान गाने पर किसी मौलाना के विरोध करने से पहले छद्दम समाजवादी और धर्म-निरपेक्ष गैंग इतना विधवा विलाप करने लगते है, कि पूछो मत। मेरी आयु के अधिकतर लोग शायद नगर निगम एवं सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा ग्रहण करने गए होंगे। क्या उस समय स्कूलों में PTका पीरियड नहीं होता था, जिसे बदलते परिवेश में योगा का नाम दे दिया गया है; फिर पहले अखाड़े होते थे, जिनकी जगह जिम ने ले ली। वास्तव में कल के अखाड़े आज के जिम कहीं अधिक लाभकारी थे, इस अंतर को शान्त भाव से समझना होगा और जनता को समझाना होगा, न कि अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने बैठ जाएँ।  अपने विद्यार्थी जीवन से कुछ वर्ष पूर्व तक किसी स्कूल के नाम के आगे अल्पसंख्यक नहीं लिखा देखा, लेकिन वोट के भूखे इन दोगले नेताओं ने शिक्षा मंदिरों पर घिनौनी राजनीती खेल समस्त वातावरण दूषित कर दिया। हर जगह साम्प्रदायिकता, जरा भी शर्म नहीं आती या आयी शिक्षा क्षेत्र को भी गन्दा करने में।  मेवात के जिस स्कूल में जबरदस्ती नमाज पढ़वाने की घटना हुई है, उस अध्यापक के साथ-साथ इन छद्दम धर्म-निरपेक्ष न...

पाखंडी समाजवाद से मासूम जनता को मूर्ख बनाते रहेंगे ये पाखंडी नेता?

बात हिन्दुत्व के पुरोधा अशोक सिंधल के जन्मदिन की है उस दिन उनके जीवन पर लिखी पुस्तक को प्रकाशित किया जाना था और मंच पर सिंधल के गुरू के अलावा भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री राजनाथ , हर्षवर्धन समेत कई मंत्री उपस्थित थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  सरसंघचालक डॉ  मोहन भागवत , साध्वी ऋतंम्भरा भी मौजूद थे। देश से आये तमाम साधु ,संत मौजूद थे । उस समय एक बात को लेकर हलचल चल रही थी कि भारत सरकार, हिन्दुत्व के पुरोधा सिंधल को लेकर किस तरह का सोच रही है। जब कार्यक्रम शुरू हुआ तो राजनाथ जी ने इस बहस पर विराम लगाते हुए  कहा  कि हिन्दू की एक ऐसी कौम है जो दुश्मन को भी अपने दरवाजे पर खडा होने देती है और उसका स्वागत , सत्कार करती है । यह हमारे कर्म ही है जो संस्कार बनकर विश्व को रोशन  कर रहें है इससे किसी को गुरेज नही होना चाहिये। फिर भी हिन्दुत्व की बात, विचारधारा की बात हो रही है यह ठीक नही है। बात थम गयी और राजनाथ अपनी बात बेबाकी से कहकर चले गये। इसके बाद फिर नयी बात चल पडी कि सरकार है, संघ व संत है और विहिप के कदावर नेता भी मौजूद है , वैसे भी जन्म दिन पर तोहफे देने का रिवाज...

यह भी लोकतन्त्र है !!!

क्या आप जानते हैं कि 1313 तक कश्मीर में एक भी मुस्लिम नहीं था ! राजा सुहादेव ने 1313 में व्यापार के लिए 1 मुस्लिम को कश्मीर आने दिया और  आज कश्मीर से हिन्दू विलुप्त हो गया। 1992 में कश्मीरी पंडितों को पलायन के लिए मजबूर किया और आज जब पुनः उनको वापस भेजने की बात होती है, सबको साम्प्रदायिकता नज़र आती है। गंगा-जमुना तहज़ीब संकट में आ जाती है। उसका कारण है, हिन्दू नकाब पहने मुस्लिम एवं ईसाईयों का सत्ता पर अधिकार होना, जो निम्न लेख से स्पष्ट होता है।  यही कारण था कि जितने बदलाव हिन्दू पूजा पद्धति में हुए है, शायद ही किसी अन्य धर्म में हुए हो। जो गम्भीर अध्ययन एवं चिन्ता का विषय है। नोस्त्रेदामस की भविष्यवाणियों का मनन करते, एक शंका थी की भारत स्वतन्त्र होने उपरान्त एक बार फिर गुलाम होगा, लेकिन 2014 चुनावों के बाद अपने वास्तविक अस्तित्व में पदापर्ण करने के साथ एक शक्तिशाली देश बनने के साथ-साथ हिन्दू की जड़ें मजबूत होनी प्रारम्भ होंगी। 2014 में जिस सख्त अधेड़ आयु के नेतृत्व में जो पार्टी सत्ता में आएगी, वह व्यक्ति 2025 तक राज्य करेगा और जिस दिशा में यह भारत को लेकर चलेगा, उसके बाद आ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)