आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार बिहार में स्टेडियम बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है। जिस तरह कुछ वर्षों से देश में घोटालों की बाढ़ सी आई हुई है, उन्हें देख लगता है, कि मुगलों और अंग्रेजों से कहीं अधिक लूटपाट तो हमारे जनहितैषी नेताओं ने ही की है। जनसेवा के नाम पर जनता को पागल बनाकर अपनी तिजोरियाँ भरने में अधिक व्यस्त हैं। सदन के सदस्य रहते, सुविधाओं के नाम पर कितना धन बर्बाद करते है। इन घोटालेबाज़ों ने जनसेवा को व्यापार बनाकर बदनाम कर दिया है। क्या ये घोटालेबाज़ या इनके परिवार या इनकी पार्टी वोट के हक़दार हैं? क्यों दें ऐसे लुटेरों को वोट, और जनता है कि पागलों की तरह सुबह से ही लम्बी-लम्बी कतारों में खड़े, इन्हे वोट देने जाते हैं। हैरानी इस बात से होती है कि जब इन घोटालेबाज़ नेताओं की मौत होती है, तो इनकी जनसेवाओं की एक लम्बी सूची प्रस्तुत कर, मरने के बाद भी एक घोटालेबाज़ दूसरे घोटालेबाज़ की तारीफों के ऊँचे-ऊँचे पहाड़ बनाकर जनता को मुर्ख बनाते हैं। एक प्रसिद्ध समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि बिहार के अ...