सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने अहम फैसले में कहा है कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना जरूरी नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार की कमेटी इसे लेकर अगले नियम तय करेगी. आपको बता दें कि अपने रुख में बदलाव लाते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आदेश बदलने की अपील की थी. केंद्र ने कहा था कि सिनेमाघरों में किसी फिल्म की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य बनाने के उसके पहले के आदेश में बदलाव किया जाना चाहिए. जिसकी आज(9 जनवरी) को सुनवाई होनी हुई और कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया कि सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाना अब अनिवार्य नहीं है. वर्तमान सरकार जो राष्ट्रवाद की बात करती थी, आखिरकार, इस सरकार ने भी तुष्टिकरण के आगे घुटने टेक ही दिए। जिस देश में राष्ट्रगान पर आपत्तियाँ हो, वह देश स्वतन्त्र नहीं गुलामी से कहीं अधिक गुलाम है। अब तो इस सरकार पर राष्ट्रहित की बात करने के लिए सोंचना चाहिए। क्योकि जो सरकार पिछली सरकारों को जिस तुष्टिकरण के लिए कोसती थी आज स्वयं तुष्टिकरण के आगे नतमस्तक हो गयी। वर्तमान सरकार भी वोट बैंक के चक्कर काट रही ...