अक्सर लोगों को पीएफ और पीपीएफ खाते को लेकर कन्फ्यूजन हो जाती है। कई बार तो उन्हें यह गलत फैह्मी भी हो जाती है कि ये दोनों खाते एक ही होते हैं। लेकिन यह हकीकत नहीं है। आज हम आपका यही कन्फ्यूजन दूर करेंगे। पहले जानते हैं पीएफ के बारे में। पीएफ को ईपीएफ यानी एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड भी कहा जाता है। कर्मचारी का खाता, जिसमें वह खुद और उसका नियोक्ता(इम्प्लॉयर) एक निश्चित रकम जमा कराते हैं उसे ईपीएफ कहते हैं। कोई भी कंपनी जहां 20 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हों, उसके लिए अपने कर्मचारियों के लिए पीएफ खाते खुलवाना अनिवार्य है। ईपीएफ खाता कंपनी खुलवाती है। वहीं पीपीएफ होता है पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी सार्वजिनक भविष्य निधि। पीपीएफ कंपनी द्वारा नहीं, बल्कि कोई शख्स निजी स्तर पर इसे खुलवाता है। देश का हर एक नागरिक किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में PPF खाता खुलवा सकता है। टैक्स- ईपीएफ खाता टैक्स फ्री नहीं होता है। इसकी मद में जो रकम कटती है उसमें से उसमें सिर्फ 1,50,000 लाख रुपये तक कीकी रकम टैक्सफ्री होती है। इससे ज्यादा की रकम पर टैक्स लगता है। वहीं पीपीएफ खाता करमुक्त होता है। सेक्शन 8...