एक तरफ दावा किया जा रहा है कि नोटबंदी के बाद पूरा देश लाइन में लगा है, लेकिन देश में ही कुछ ऐसे लोग मौजूद हैं जिन्होंने अब तक ना तो 1000 रुपए का नोट देखा है ना ही वे पैसों के लिए लाइन में लगे हैं। उन लोगों को तो यह भी नहीं पता कि नोटबंदी जैसा कोई फैसला लिया भी गया है। हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के एक गांव की। यह गांव पुणे से 500 किलोमीटर दूर पड़ता है। उसका नाम रोशामल है। वहां रहने वाले आदिवासियों ने बताया कि उनको तो पता ही नहीं कि 500 और 1000 के नोट चला भी करते थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, रोशामल गांव में रहने वाले कई लोगों को अब भी यही पता है कि देश में इंदिरा गांधी की बेटी सोनिया (जो असल में उनकी बहू हैं) की सरकार है। क्या है इस सर्टिफिकेट का औचित्य? सूत्रों के अनुसार, रोशामल गाँव यह भी नहीं जनता की देश का प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी है या सोनिया गाँधी। कहते हैं कि संघ आदिवासी क्षेत्रों में बहुत सक्रिय है। बहुत काम किया है और कर रही है। जिस गाँव के लोग आजतक 500 और 1000 का नोट देखने से वंचित रहा, उस गांव के लोगों ने पास क्रेडिट या डेबिट कार्ड होने का तो सवाल ही पैद...