आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के मसौदे से जिन लोगों के नाम छूटे थे उनमें सरकार द्वारा नियुक्त फील्ड लेवल अफसर मोइनुल हक तक शामिल हैं, जिन्होंने खुद रजिस्टर में लोगों के नाम तस्दीक कराने के बाद दर्ज कराए। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि असम में उदलगुडी जिले के एक शिक्षक का नाम भी एनसीआर के अंतिम मसौदे में नहीं है । जब यह मसौदा जारी हुआ तब जिन लोगों के नाम छूट गए, उनमें अजीब सा डर देखा गया । हक खुद अपना नाम गायब होने पर हैरान हैं । वह उन 55 हजार सरकारी कर्मचारियों व कांट्रेक्ट वर्करों में से एक थे, जिन्होंने एनआरसी को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को पूरा किया । लेकिन वह खुद गिनती से बाहर हो गए । उनके मुताबिक वह इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों से बात करेंगे कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? उन्हें भारतीय नागरिक क्यों नहीं माना गया? छूटे लोगों में एक जवान व गजटेड अफसर शामिल अन्य लोग जो छूटे हैं उनमें आर्मी जवान, सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल, एजी ऑफिस के गजटेड अफसर और असम पुलिस स्पेशल ब्रा...