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मुस्लिम इलाकों में जाने से क्यों डरती है ब्रिटिश पुलिस

हिन्दी में मुहावरा है "बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होए", जो आज ब्रिटेन में चरितार्थ हो रहा है। ये वही ब्रिटेन है,जिसने भारत के कुछ भारतीय नेताओं को बहकावे में लेकर तुष्टिकरण के पेड़ का वृक्षारोपण किया था। आज वही वृक्ष इतना अधिक विशाल हो गया है कि उसकी जड़ें सात समुद्र पार ब्रिटेन तक पहुँच, उसी को बर्बाद करने को तत्पर है। तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने कुछ भारतीय छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेताओं और इतिहासकारों के माध्यम से भारत के वास्तविक इतिहास को ही बदल कर, मुस्लिम समाज को भी मुख्यधारा से न जुड़ पाने के लिए विवश कर दिया, उन बेचारों को सन्देह के घेरे में खड़ा कर दिया है। भारतीय मुस्लिम तो आज मुख्यधारा से जुड़ने का सफल प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आज ब्रिटेन उसी आग में जलने की ओर अग्रसर है।   ब्रिटेन की पुलिस ने आखिरकार  मा ना है कि उनके देश में कई इलाके ऐसे हैं जहां उसकी एंट्री पर बैन है। इन इलाकों को उन्होंने ‘नो-गो ज़ोन’ कहा है। एक बड़े ब्रिटिश पुलिस अफसर ने कहा है कि इन इलाकों में पैट्रोलिंग के लिए भी उन्हें मुस्लिम नेताओं से अनुमति लेनी पड़ती है। अखबार डेली मेल में छपी रिपोर्ट ...

अंग्रेजो से खरीदी थी ये कंपनियां, आज भारत में कर रही है राज

देश में ब्रिटिशर्स ने आकर कई कंपनियां खोली, इसमें शराब से लेकर होटल शामिल हैं। इनमें से कुछ कंपनियों को भारतीयों ने आजादी से पहले ही अंग्रेजों से खरीदकर इनकी सत्ता अपने हाथों में ले ली। इसमें मोहन मेकिन, ओबेरॉय ग्रुप जैसी कई कंपनियां शामिल है। अभी हाल में ही मोहन मेकिन के मालिक कपिल मोहन का निधन हो गया। आइए जानते हैं ब्रिटिशर्स की शुरू की ऐसी कंपनियां जिसे इंडियन चला रहे हैं, जो देश के बड़े ब्रांड में गिनी जाती हैं। मोहन मेकिन मोहन मेकिन की गिनती एशिया की सबसे बड़ी ब्रेवरीज कंपनी में होती थी। मोहन मेकिन की स्थापना 1855 में एडवर्ड डायर ने की थी। एडवर्ड डायर 1820 में ब्रेवरीज यूनिट लगाने के लिए इंग्लैंड से इंडिया आए। उन्होंनें 1855 में डायर ब्रेवरीज नाम से हिमाचल प्रदेश के कसौली में ब्रेवरीज यूनिट शुरू की। ये एशिया की पहली बीयर ब्रेवरीज ‘लॉयन’ बनाई। ये ब्रिटिश एडमिनिस्ट्रेशन के बीच काफी फेमस थी। अन्य कारोबारी एचजी मेकिंन इंडिया आए और उन्होंनें शिमला और सोलन की ब्रेवरीज खरीद ली। फर्स्ट वर्ल्ड वार के बाद इस कंपनी को रिस्ट्रक्चर किया गया और इसका नाम डायर मेकिंन ब्रेवरीज रख दिया गया। इं...

राहुल गाँधी की नागरिकता क्या है?

ये तस्वीर यूपी चुनाव के वक्त की है, जब राहुल गांधी ने लखनऊ के सेंट जोसेफ कैथड्रल में प्रार्थना के बाद प्रचार की शुरुआत की थी। आर.बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार  एक कहावत है :- सच्चाई छुप नहीं सकती, कभी बनावट के असूलों से, खुशबू आ नहीं सकती  कभी कागज के फूलों से। जो नवम्बर 29 को राहुल गाँधी द्वारा सोमनाथ मन्दिर के दर्शन करने पर चरितार्थ हो गया है।  जो पार्टी 10 वर्ष सत्ता में रहते, हिन्दू धर्म को कलंकित करती रही, इस्लामिक आतंकवाद को चार चाँद लगाने बेगुनाह हिन्दू साधु-संत और साध्वियों को जेलों में डाल, उन पर अत्याचार करने से नहीं चुकी, आज उसी पार्टी का उपाध्यक्ष एवं भावी अध्यक्ष मन्दिरों के चक्कर काट रहा हैं। अब इसको कांग्रेस की दोगली नीति न कहा जाए तो क्या कहा जाए? स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित से आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने को कबूलवाने के लिए जो अमानवीय अत्याचार किए गए थे, यदि उसका एक प्रतिशत भी इस पार्टी के कार्यकाल में गिरफ्तार इस्लामिक आतंकवादी के साथ किया होता, देश में सारे छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और पार्टियाँ आसमान को सिर पर उठा...

The British Hindu Manifesto

The General Election on 7 May 2015 is likely to be one of the most important elections in the UK for some time. It will set the direction of travel for the country for at least the next five years – Of course, it’s no longer just a two-horse race and the current situation demonstrates the influence a minority party can have in a coalition Government. Over the last 4 months, we asked our members and affiliates what the next Government could do to support the Hindu Community and their aspirations. The result is The British Hindu Manifesto: which sets out eleven priority actions that will make the biggest difference for the 1 Million + Hindus in the UK. Our manifesto makes recommendations for priorities and policies to benefit the Hindu Community. We are asking that the next Government adopts them. Umesh C Sharma, Chairman of the Hindu Council UK, said: “Our manifesto topics are very important to the British Hindu community and clearly outline that the Hindu vote can no lo...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)