अप्रैल 10 को सीता राम बाजार से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी सोनिया श्रीवास्तव ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों का दौरा कर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के मूलमन्त्र “सब का साथ, सब का विकास” नारों के साथ इन क्षेत्रों में प्रचार किया। तुर्कमान गेट की अँधेरी, संकीर्ण गलियाँ जहाँ खड़ा होना असम्भव है, वहाँ सोनिया ने लम्बा समय व्यतीत किया। जनता ने दिल खोलकर अपनी समस्याओं का पिटारा खोला। जिसे सुन यह निश्चित हो गया कि चुनाव होने उपरान्त इन गलियों की ओर रुख करने का कष्ट भी नहीं किया। निर्वाचित नेताओं द्वारा यदि इन संकीर्ण गलियों का दौरा किया जाता, शायद इतनी दुर्दशा नहीं होती। लगता है इन गलियों की दुर्दशा में भूमि माफिओं का भी कम योगदान नहीं। तुष्टिकरण की प्रकाष्ठा का भी प्रमाण देखने को मिला। केन्द्र सरकार ज्यादा नहीं केवल 40 वर्ष पुराना नक्शा निकाल कर जिन अधिकारियों के कार्यकाल में अधिक्रमण हुआ है, सबको दण्डित करना चाहिए। यदि भाजपा प्रत्याशी सोनिया इस क्षेत्र से निर्वाचित हो गयीं और किसी भी कारण से कोई दुर्घटना होती है, उस स्थिति में सरकार कितनो को मुआफज़ा देगी? यह सरकारी कोष पर अनावश्यक व्यय होगा...