त्रेता युग में जिस संजीवनी बुटी को बजरंग बली ने खोजा था अब उसी संजीवनी बूटी को हजारों साल बाद उत्तराखंड सरकार खोजने का काम शुरू करने जा रही है, सूबे के सीएम हरीश रावत ने इसके लिए बाकायदा स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों का एक पैनल बना कर उन्हें जल्द द्रोणा गिरी पर्वत जाने के निर्देश दे दिए हैं। प्रदेश सरकार संजीवनी की खोज का ये काम अब अपने संसाधनों से करेगी इससे पहले सरकार ने केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट के लिए बजट उपलब्ध कराने को कहा था । ये वही संजीवनी है जिसे त्रेता युग में हनुमान जी ने खोजा था और कुछ वर्षों पहले योग गुरु बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण ने भी इसी संजीवनी को खोज निकालने का दावा किया था, अब एक बार फिर हरीश रावत उसी संजीवनी को खोजने लिए वृहद पैमाने पर अभियान चलाने जा रहे हैं । हालांकि संजीवनी नाम की कोई बूटी है भी या नहीं इसे लेकर आयुर्वेदाचार्यों के अलग-अलग मत हैं, कुछ संजीवनी नाम की किसी बूटी के अस्तित्व से ही इंकार करते हैं और कुछ का ये मानना है, कि जो बूटी जीवन दे दे वही संजीवनी है, बाबा रामदेव और बालकृष्ण ने तो कई साल पहले संजीवनी बूटी को खोज लेने का दा...