उत्तर प्रदेश के कैसरगंज संसदीय सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में संगठन द्वारा अपनी उपेक्षा से नाराज होकर बगावत का ऐलान कर दिया था। आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता, लेकिन बिहार से सांसद शत्रुघन सिन्हा पार्टी के ही विरुद्ध बयान देते नज़र आते हैं, तो नेहरू-गाँधी के वरुण गाँधी की भी चर्चा है कि वह अपने परिवार के साथ जाने की तत्पर हैं। इतना ही नहीं, दिल्ली विधान सभा में भी भाजपा की बुरी हार का कारण भी भीतरघात ही था, जिसे कोई स्वीकार करने को तैयार नहीं। अगर भीतरघात नहीं होता, आप को किसी भी कीमत पर 67 सीटें नहीं मिलतीं। कुछ ही माह पूर्व दिल्ली में संपन्न हुए निगम चुनावों में क्या हुआ, किसी ने गंभीरता से आज तक मंथन नहीं किया, क्यों? कुछ मण्डलों ने न वोटर लिस्ट जाँच करवाई और न ही पर्चियां बाँटी, जबकि सभी पार्टियों ने पर्चियाँ बाँटी, मतदान वाले दिन मेज-कुर्सी तक नहीं दी गयी, किसी ने उम्मीदवार या मण्डल को इतनी गम्भीर लापरवाही के लिए तलब किया, पोलिंग ब...