कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल मार्ग्रेट अल्वा की आत्मकथा में कुछ खुलासे पार्टी हाईकमान के लिए असहज स्थिति बना सकते हैं। अल्वा ने अपनी किताब में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए हैं। किताब में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के साथ अपने रिश्तों और वीवीआईपी चॉपर घोटाले में नाम आए बिचौलिए के पिता के साथ संजय गांधी के रिश्तों का खुलासा किया है। अल्वा की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उसमें प्रकाशित कुछ हिस्सों के बाहर आ जाने से कांग्रेस के लिए नया विवाद शुरू हो गया है। अल्वा ने आरोप लगाया कि जब केंद्र मनमोहन सिंह की सरकार थी तो मनमोहन सिंह ने उन्हें अपने कैबिनेट में शामिल करना चाहते थे, लेकिन सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह को ऐसा करने से रोक दिया। हर फैसले को खुद मनमाने ढंग से सोनिया गांधी लेती थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कुछ ऐसे लोग हैं जो अपनी मनमानी करते हैं और दूसरे की बात तक नहीं सुनते। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मारग्रेट अल्वा ने किताब में लिखा है कि राजीव गांधी से जुडे बोफोर्स मामले को खारिज करने के दिल्ली उच्च न्...