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ये कानून चल रहा है देश में : वैध हिन्दू मूर्ति को हटा दो, अवैध मस्जिद पर बोलो भी नहीं

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार बहुत कहते हैं, कि केन्द्र में मोदी आ गया, अब कोई हिन्दू आस्था को ठेस नहीं पहुंचा पाएगा, लेकिन कोर्ट हिन्दू आस्थाओं पर ही प्रहार कर रही है। इतने वर्षों से लगी इस हनुमान की मूर्ति से कोर्ट को यातायात में रुकावट नज़र आती है, लेकिन न ही किसी कोर्ट को और न ही जनहित याचिका डालने वाले को दिल्ली जामा मस्जिद इलाके में जरुरत से ज्यादा हुए अतिक्रमण नज़र आते हैं। पिछले 5 वर्षों में मीना बाजार से अतिक्रमण हटाए गए, स्थिति आज भी वही। कौन अतिक्रमण को बढ़ावा दे रहा है? क्या कभी कोर्ट या किसी याचिकाकर्ता ने इस प्रश्न का उत्तर माँगा? इतना ही नहीं, जामा मस्जिद से दरिया गंज, जामा मस्जिद से मटिया महल चौक, मटिया महल चौक से गोलचा सिनेमा,तुर्कमान गेट कितना अतिक्रमण हुआ है, जिसे हटाने की किसी को चिंता नहीं। पटरियां रिक्शा और दुकानदारों ने घेर रखी है। जनता को पैदल चलने में कितनी कठिनाई होती है, उतनी हनुमान मूर्ति से नहीं। चिन्ता है हनुमान की मूर्ति से होते यातायात में होती रुकावट से। आखिर इस दोहरे मापदंड पर कब विराम लगेगा? क्या कानून हिन्दू और मुसलमान के लिए अलग-अलग हैं? जामा ...

अमेरिकी वैज्ञानिकों का दावा – “मिथ नहीं सत्य हैं राम-रावण और हनुमान”

इसे भारतवासियों का दुर्भाग्य कहा जाए या तुष्टिकरण के आगे नतमस्तक होती नीति? यहाँ अयोध्या में पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म होने का प्रमाण माँगा जाता है और कुर्सी के भूखे नेता ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं। रामसेतु को ध्वस्त करने हेतू उल्टे-सीधे बयान दिए जाते हैं। चंद वोटों की खातिर हिन्दू नेता अपने ही धर्म को विवादित बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। जबकि किसी भी अन्य धर्म के मानने वालों ने अपने धर्म को विवादित नहीं होने दिया।  विश्व मानता है कि हिन्दू धर्म एवं संस्कृति ही अति प्राचीन हैं, लेकिन हमारा नेता-समाज इस बात को क्यों नहीं मानता? विदेशी शोधों ने बताया कि ताजमहल मुग़ल काल से पूर्व का है,परन्तु वोट-बैंक के आगे नतमस्तक नेता मानते ही नहीं। जिस देश में अपने ही इतिहास को जब विवादित बनाया जायेगा, ऐसी स्थिति में ऐसे नेताओं से देश के प्रति प्रेम अथवा भक्ति कहाँ से आएगी?   रामायण और महाभारत की कथाओँ को मिथ कहने वाले लोगों को अब अपने शब्द वापस लेने होंगे। क्यों कि अमेरिकी वैज्ञानिकों ने उस स्थान को खोज निकाला का है जिसका उल्लेख रामायण में पाताल लोक के रूप में है। कहा जाता ह...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)