अयोध्या विवाद कांग्रेस की वजह से हल नहीं हो पाया, उसने हमेशा हिंदू-मुस्लिमों को लड़ाया- इकबाल अंसारी
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार चलो देर आए, दुरुस्त आए। इतने वर्षों उपरान्त बाबरी मस्जिद पक्षकार इक़बाल अंसारी ने अयोध्या विवाद की असलियत से पर्दा हटा ही दिया। लेकिन अब जनता अंसारी और कांग्रेस दोनों से पूछना चाहती है, कि "इस विवाद में जिन हिन्दुओं की जानें गयीं और मन्दिरों को क्षति पहुंची, उसका कौन जिम्मेदार होगा?" अंसारी की आवाज़ पहले क्यों नहीं निकली? इससे पहले तो अंसारी खुद भी खूब मालपुए खा रहे थे, लेकिन केन्द्र और प्रदेश में सख्त प्रशासक के होने से इतने वषों बाद सच्चाई सामने आयी। ज्ञात हो, जब प्रधानमन्त्री चन्द्रशेखर इस विवाद को समाप्त करने वाले ही थे कि कांग्रेस के समर्थन से चल रही चंद्रशेखर सरकार से राजीव गाँधी ने समर्थन वापस लेकर, सरकार गिरा दी थी। क्योकि चंद्रशेखर ने मुख्य न्यायधीश को प्रधानमन्त्री आवास पर बुलाकर कहा था कि "मुझे रामजन्मभूमि पर अब फैसला चाहिए, तारीख नहीं। " और राजीव गाँधी से यह बर्दाश्त नहीं हुआ। जबकि हर राजनीतिक दल भलीभाँति सच्चाई जानता है, लेकिन कांग्रेस सहित समस्त गैर-भाजपाई पार्टियाँ अपने वोट बैंक को सेधने के चक्कर में अयोध्या मसले को सु...