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‘गाँधी गोडसे – एक युद्ध’ के निर्देशक राजकुमार संतोषी, प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुस गाँधी समर्थकों ने दिखाए थे काले झंडे

                                          राजकुमार संतोषी की फिल्म 'गाँधी गोडसे - एक युद्ध' विवादों में जहाँ एक तरफ लोग शाहरुख़ खान की आने वाली फिल्म ‘पठान’ के बॉयकॉट की माँग की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ ‘गाँधी गोडसे – एक युद्ध’ फिल्म को लेकर ताज़ा विवाद छोड़ गया है। राजकुमार संतोषी की फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान ही महात्मा गाँधी के समर्थकों ने पर्दे के सामने आकर हंगामा किया, जिसके बाद उन्होंने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। फिल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी ने अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की माँग करते हुए कहा है कि आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वो 9 वर्षों बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं, ऐसे में उनकी फिल्म को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। शुक्रवार (20 जनवरी, 2023) को भी फिल्म के कलाकारों को प्रमोशंस के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा था। कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए महात्मा गाँधी के समर्थन में नारेबाजी भी क...

क्या गाँधी वध की वास्तविकता जगजाहिर हो पाएगी?

 केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने महात्मा गांधी की हत्या से संबंधित सभी जानकारियों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।  सीआईसी ने अपने आदेश में कहा है कि बापू की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे का बयान और इस केस से जुड़े रिकॉर्ड नेशनल आर्काइव की वेबसाइट पर पब्लिक किए जाएं।  सीआईसी कमिश्‍नर एम. श्रीधर आचार्युलू ने कहा है कि नाथूराम या गांधी जी की हत्या में शामिल रहे बाकी दोषियों से भले ही कोई सहमत ना हो, लेकिन हम उनके विचारों को सार्वजनिक करने से इनकार नहीं कर सकते है। सीआईसी का तर्क है कि यह घटना 20 साल से ज्यादा पुरानी है और इसके पब्लिक होने से देश को कोई नुकसान नहीं है।  गांधी का जीवन और उनका चरित्र और उनकी छवी एक शांतिदूत की रही है।  उनसे जुड़ी जानकारियों के सामने आने पर देश की आजादी और हिंदू-मुस्लिम एकता को कोई खतरा नहीं होगा।  सीआईसी की तरफ से यह भी कहा गया है कि इस जानकारी के संबंध में दिल्ली पुलिस या नेशनल अर्काइव ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। https://www.facebook.com/officialharishsharma/videos/638461239686360/ https://youtu.be/T8KEa6Jzn2I गौ...

महात्मा गाँधी से महान नाथूराम गोडसे का बलिदान

19 मई 1910 को मुम्बई – पुणे के बीच ‘ बारामती ‘ में संस्कारित राष्ट्रवादी हिन्दु परिवार मेँ जन्मेँ वीर नाथूराम गोडसे एक ऐसा नाम है जिसके सुनते ही लोगोँ के मन-मस्तिष्क मेँ एक ही विचार आता है कि गांधी का हत्यारा । इतिहास मेँ भी गोडसे जैसे परम राष्ट्रभक्त बलिदानी का इतिहास एक ही पंक्ति मेँ समाप्त हो जाता है । गांधी का सम्मान करने वाले गोडसे को गांधी का वध आखिर क्योँ करना पडा,इसके पीछे क्या कारण रहे, इन कारणोँ की कभी भी व्याख्या नही की जाती । गोडसे एक सच्चा देशभक्त  नाथूराम गोडसे एक विचारक, समाज सुधारक, पत्रकार एवं सच्चा राष्ट्रभक्त था और गांधी का सम्मान करने वालोँ मेँ भी अग्रीम पंक्ति मेँ था । किन्तु सक्ता परिवर्तन के पश्चात गांधीवाद मेँ जो परिवर्तन देखने को मिला, उससे नाथूराम ही नहीँ करीब-करीब सम्पूर्ण राष्ट्रवादी युवा वर्ग आहत था । गांधीजी इस देश के विभाजन के पक्ष मेँ नहीँ थे । उनके लिए ऐसे देश की कल्पना भी असम्भव थी, जो किसी एक धर्म के अनुयायियोँ का बसेरा हो । उन्होँने प्रतिज्ञयापूर्ण घोषणा की थी कि भारत का विभाजन उनकी लाश पर होगा । परन्तु न तो वे विभाजन रोक सके, न नरसंहार क...

आखिर क्या थी गोडसे की विवशता ?

पिछले 68 सालों से इस देश में गांधी को सबसे बड़ा महात्मा और गोडसे को सबसे बड़ा आतंकवादी बताया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर क्या थी गोडसे की विवशता ..? क्या गोडसे नही जानते थे की एक आम आदमी को मारने में और एक राष्ट्रपिता बने को मारने में क्या अंतर है और क्या गोडसे को अंदाजा नहीं था कि गांधी को मारने के बाद क्या होगा उनके परिवार का ..? कैसे कैसे कष्ट सहने पड़ेंगे गोडसे के परिवार और सम्बन्धियों को और मित्रों को ? आखिर क्या था गांधी वध का वास्तविक कारण .? क्या थी विभाजन की पीड़ा ..? विभाजन के समय क्या क्या हुआ था ..? आज मीडिया और सेकुलर गिरोह कहता है कि”गोडसे आतंकवादी हैं”… “हत्यारा हैं’ …. परन्तु गोडसे का तो कभी निर्दोष लोगों को मारने का पूर्व में कोई रिकॉर्ड नहीं था, न ही गांधी को मारते समय गोडसे ने उनके साथ उपस्थित लोगों को मारा था. तो गोडसे को  हत्यारा कैसे कहा जा सकता हैं .? हत्यारा तो इस गांधी को कहना चाहिए क्योंकि जिस गांधी की वजह से लाखों हत्याएँ और देश का भयंकर नुकसान हुआ. यदि गांधी थोड़े दिन और ज़िंदा रह जाता तो भारत का नक्शा कुछ ऐसे होना था. East पाकिस्तान(आज क...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)