मिर्ज़ापुर जिलाधिकारी को ज्ञापन देती कार्यकर्ता अन्ना आन्दोलन से उपजी केजरीवाल एन्ड कम्पनी पर दिल्ली की जनता ने अन्धविश्वास कर भरपूर समर्थन दिया, जिस कारण भारत के अन्य राज्यों में भी लोग पागलों की तरह इनकी पार्टी में सम्मिलित हो रहे हैं। लेकिन इस पार्टी के गठन होने से ही पता नहीं क्यों आम आदमी पार्टी के प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति का आभास नहीं हुआ। एक हिंदी पाक्षिक का सम्पादन करते शीर्षक " कांग्रेस के गर्भ से निकली आप " रपट क्या लिखी, धमकी आ गयी। उससे विचलित हुए बिना अगले ही अंक में लिख दिया शीर्षक " कांग्रेस और आआप का Positive DNA " और जो भी कहता है कि "मैंने कांग्रेस को नहीं झाड़ू को वोट दिया, स्पष्ट कहता था, आज भी कहता हूँ, इस पार्टी से कांग्रेस फिर कहीं अच्छी पार्टी है। इस पार्टी को मैंदान में उतारा है, सिर्फ मोदी को रोकने के लिए, जनता को भला करने नहीं।" केजरीवाल, योगेंद्र यादव, सिसोदिया और संजय सिंह आदि अगर वास्तव में ईमानदार है, तो बताएँ सोनिया गाँधी की टीम में क्या करते थे और किन-किन पदों पर थे? भागवत गीता में लिखा है "विनाश काले ...