दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने अक्टूबर 7 को दिल्ली वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया है और इसे फिर से गठित करने का आदेश दिया है। वक्फ बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। एलजी ने बोर्ड के सीईओ की नियुक्ति को भी गैर कानूनी करार दिया है। उप राज्यपाल ने फिलहाल दिल्ली वक्फ बोर्ड से जुड़े सभी अधिकार रेवेन्यू सेक्रेटरी को सौंपे हैं जबकि पर्यावरण और वन विभाग के विशेष सचिव एसएम अली को दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ का एडिशनल चार्ज दिया गया है। एलजी के आदेश के मुताबिक रेवेन्यू सेक्रेटरी ही वक्फ के नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद एलजी और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच एक बार फिर से तकरार तेज हो सकती है। अमूमन वक्फ बोर्ड का गठन 5 साल के लिए किया जाता है। साल 2011 में दिल्ली सरकार द्वारा गठित दिल्ली वक्फ बोर्ड का कार्यकाल इस वर्ष दिसंबर में पूरा होने वाला था लेकिन भ्रष्टाचार की शिकायत और बोर्ड के कुल सात सदस्यों में से पांच के इस्तीफा दे देने के बाद उप राज्यपाल ने वक्फ बोर्ड को भंग कर दिया। उप राज्यपाल ने अपने आदेश में कहा ...