आर..बी.एल.निगम,वरिष्ठ पत्रकार हुकुम सिंह को सुनने का अवसर 11, अशोका रोड पर "मुज़फ्फरनगर दंगा: एक सच" चर्चा पर सुनने को मिला। उन्होंने दंगे की जो सच्चाई मीडिया के सम्मुख प्रस्तुत किया, लगभग सभी ने सच्चाई को ब्लैकआउट ही कर दिया था। उस समय एक हिन्दी पाक्षिक को सम्पादित करते वही सब तथ्य प्रस्तुत किए पहले ही प्रकाशित कर चुका था। जिस तरह हुकुम सिंह ने मुज़फ्फरनगर दंगे को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और आज़म खान की नाक में दम कर रखा था। इन्ही के कारण हिन्दू को संरक्षण मिल रहा था। इन्ही के कारण अपने बचाव में आर्मी को बुलाना पड़ा था। लेकिन मौहल्ले और मस्जिदों से बरामद हो रहे असले ने मजबूर होकर आर्मी के तलाशी अभियान को रुकवाना पड़ा था। मेरी रपट पर एकतरफा मुस्लिम विरोधी होने सम्बंधित पाठकीय प्राप्त हुए, लेकिन इन्ही हुकुम सिंह के वक्तत्व ने मेरी रपट की पुष्टि करवा दी थी। मुज़फ्फरनगर दंगे पर उन्ही का साहस था, कि हिन्दू रक्षा के लिए दंगाइयों के साथ-साथ तत्कालीन अखिलेश सरकार से भी टक्कर ले रहे थे। मुलायम सिंह द्वारा एक मुस्लिम पुलिस अधिकारी द्व...