योगी आदित्यनाथ की तरह ही उनके मंत्री भी काम के आगे तमाम सुविधाओं को किनारे कर दे रहे हैं। या यह भी कहा जा सकता है "योगी अगर डाल डाल तो उनके मन्त्री पात पात", जो दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश का कितना बुरा हाल कर रखा था। मुख्यमन्त्री और इनका मंत्रिमण्डल किस कदर प्रदेश की हालत सुधारने को लालायित हैं। 864 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे आवास राज्य मंत्री सुरेश पासी को लिफ्ट खराब मिली। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें 18वीं मंजिल तक सीढ़ियों से जाना पड़ा। वहीं वीसी सत्येंद्र यादव व एलडीए सचिव अरुण कुमार के हौसले तो बीच में ही पस्त पड़ गए और वह आधे रास्ते में ही रुक गए। पांच दिन में दूसरी बार निरीक्षण को पहुंचे मंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी का निर्माण भी घोटाले की नींव पर हुआ है। भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के चलते प्रोजेक्ट की लागत 700 करोड़ रुपये बढ़ गई। विदेशों से सामान मंगाए गए, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में नियमों की जमकर अनदेखी की गई। मंत्री ने कहा कि घोटाले में एलडीए ही नहीं बल्कि शासन के आला अधिकारी और पिछली सर...