मालेगांव बम विस्फोट मामले में मुंबई उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अप्रैल 27 को भोपाल के केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया। भोपाल केंद्रीय जेल के जेलर दिनेश नारवाने ने बताया कि देवास मामले में उन्हें पहले ही रिहा किया जा चुका था और मालेगांव मामले की सुनवाई मुंबई उच्च न्यायालय में चल रही थी। उन्हें मुंबई भेजने की कोशिश चल रही थी, इसी दौरान पांच लाख रुपये के मुचलके पर उन्हें वहां से जमानत मिल गई। वह यहां न्यायिक हिरासत में थीं। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस के उस षडयंत्र के बारे में भी खुलासा किया, जिसका वे शिकार हुई थीं। जमानत के बाद पहली बार प्रेस को संबोधित किया और कांग्रेस को जमकर खरी खोटी सुनाई, उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से निर्दोष थी और कांग्रेस ने साजिश के तहत मुझे फंसाया था, उन्होंने मुझे 9 साल तक जेल में रखकर बहुत प्रताड़ित किया, मुझे इतना मरवाया कि मेरे फेफड़े की झिल्ली फट गयी और मुझे कैंसर हो गया। साध्वी ने मुंबई के कई पुलिस अधिकरियों का नाम लेते हुए कहा कि इन्होने मुझे इतना प्रताड़ित किया जितना आजाद भारत से पहले और आजाद भारत के बाद...