हाईवे पर यूपी के बुलंदशहर के पास कार से खींचकर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की घटना पर देश में हो रही फजीहत से बचने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। जान बचाने के लिए बुलंदशहर की पुलिस ने तीन लोगों को पकड़े जाने का दावा किया। मगर, अदालत में पेशी की बारी आई तो जल्दबाजी में गिरफ्तार हुए दो आरोपियों को नाम पुलिस ने निकाल दिया। बाद में दो अन्य की गिरफ्तारी दिखाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया। जिससे पुलिस के खुलासे पर सवाल उठ रहे हैं। आशंका है कि मुख्यमंत्री के कोप से बचने के लिए कहीं पुलिस फर्जी खुलासा न कर बैठे। डीजीपी भी करते हैं गलतबयानी हाईवे गैंगरेप खुलासे की तरफ पूरे देश की निगाह है। मुख्यमंत्री की मानीटरिंग के चलते यूपी पुलिस पर जल्दी खुलासे का भारी दबाव है। पुलिस ने रविवार को तीन आरोपियों को पकड़ने का दावा किया। खुद डीजीपी जावीद अहमद ने प्रेस कांफ्रेंस में अधूरा खुलासा करते हुए दावा किया कि तीनों आरोपियों की पहचान पीड़िता मां-बेटी ने कर लिया है। डीजीपी ने गैंगरेप की पूरी कहानी बताई। किस तरह से आरोपियों ने कार पर लोहे का एक्सल फेंका। कार र...