उत्तर प्रदेश में सत्ता काबिज करने के बाद भाजपा ने आदित्यनाथ योगी को मुख्यमंत्री की कमान सौंपकर जो दावं खेला है, इस दावं में योगी सरकार के सामने चौतरफा चुनौतियां ज्यादा होंगी। जहाँ देखो शूल(कांटें) ही शूल ही हैं। मुख्यमन्त्री को उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से अधिक सख्त होना पड़ेगा। अपने दोनों उप-मुख्यमंत्रियों एवं मन्त्री मंडल को किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश देने होंगे। मसलन यूपी जैसे सूबे में सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बहाल करने की होगी। हालांकि सूबे के विकास, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और युवाओं के रोजगार सृजन जैसी संतुलन बनाकर पहल शुरू करने की चुनौतियां भी योगी सरकार के लिए कम नहीं होंगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की अप्रत्याशित बहुमत योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की बागडौर सौंपी है, जिसमें भाजपा ने सत्ता संतुलन और राज्य की राजनीति की जातिवाद अवधारणा को साधने के लिए योगी के सहयोग के लिए भाजपा ने दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य को भी उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योग...