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आदित्य नाथ को मिली काँटों भरी सत्ता

उत्तर प्रदेश में सत्ता काबिज करने के बाद भाजपा ने आदित्यनाथ योगी को मुख्यमंत्री की कमान सौंपकर जो दावं खेला है, इस दावं में योगी सरकार के सामने चौतरफा चुनौतियां ज्यादा होंगी। जहाँ देखो शूल(कांटें) ही शूल ही हैं। मुख्यमन्त्री को उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी से अधिक सख्त होना पड़ेगा। अपने दोनों उप-मुख्यमंत्रियों एवं मन्त्री मंडल को किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने के निर्देश देने होंगे।     मसलन यूपी जैसे सूबे में सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बहाल करने की होगी। हालांकि सूबे के विकास, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और युवाओं के रोजगार सृजन जैसी संतुलन बनाकर पहल शुरू करने की चुनौतियां भी योगी सरकार के लिए कम नहीं होंगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की अप्रत्याशित बहुमत योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की बागडौर सौंपी है, जिसमें भाजपा ने सत्ता संतुलन और राज्य की राजनीति की जातिवाद अवधारणा को साधने के लिए योगी के सहयोग के लिए भाजपा ने दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य को भी उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है।  इसके बावजूद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योग...

क्या इसी को कानून कहते हैं? कानून अँधा नहीं, नेताओं द्धारा बनाया गया है !!!

कहाँ जाए, किससे फरियाद करे, यह बदनसीब माता-पिता जिनके तीनों युवा लड़कों को मार दिया गया?  मेरे दो बेटों गिरीश और सतीश को मारा गया था, तब एक की उम्र 23 और दूसरे की 18 साल थी दो बेटों की हत्या का बदला लेने के लिए. मेरा बेटा राजीव लड़ रहा था राजीव मेरा सबसे बड़ा बेटा था, लेकिन 16 जून, 2014 को उसे भी मारकर मेरे लड़ने की सारी ताकत खत्म कर दी गई. राजीव को शादी के ठीक 18 दिन बाद मार डाला गया :- ये चंदा बाबू के शब्द है अब महसूस कीजिये इस पिता के दर्द को जिसके एक नहीं तीन तीन जवान बेटों का कातिल सत्ता के आशीर्वाद से जेल से बाहर आ रहा है।  सरकार किस  हद तक निरंकुश हो सकती है नितीश कुमार उसका नमूना है , आम आदमी कितना असहाय है चंदा बाबू इसके ज्वलंत उदाहरण हैं...सफेदपोश कितने निर्भीक, मदमस्त और क्रूर हो सकता है शहाबुद्दीन इसकी मिसाल  है ... इसलिए आलोचना भी नहीं, किसके लिए लिखे और क्यों ? समाज को नेता वैसा ही मिलता है जैसा समाज खुद होता है और जैसी समाज की सोच होती है। ... ये तो जोरदार तमाचा है उनके मुँह पर जो बाते करते है सामाजिक न्याय की और बिहार में कानून के रा...

सीएम अखिलेश जी इस वीडियो को देखिये, फिर यूपी में कानून-व्यवस्था का दावा कीजियेगा !

https://youtu.be/KdmUduwZbxU  इस वायरल वीडियो में सपा प्रत्याशी दीपमाला कुशवाहा यूपी पुलिस को धमकाती हुई दिखाई और सुनाई दे रही हैं। New Delhi, Aug 04 :   बुलंदशहर हाइवे पर हुए गैंगरेप के बाद जहां यूपी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, तो ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसे देखने के बाद लगता है कि पुलिस तो काम करना चाहती है लेकिन उसे काम करने दिया नहीं जाता, इस वीडियो को देखने के बाद मामला कुछ और ही लगता है। दरअसल इस वायरल वीडियो में सपा प्रत्याशी यूपी पुलिस को धमकाती हुई दिखाई और सुनाई दे रही हैं। इसमें समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी दीपमाला कुशवाहा एक ट्रैफिक पुलिस वाले से उलझती नजर आ रही है, दरअसल दीपमाला ने नो पार्किग में अपनी गाड़ी खड़ी कर दी थी, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस वाले ने उठवा लिया, कार उठाये जाने के बाद दीपमाला कुशवाहा गुस्से में तमतमा गई, उन्होने ट्रैफिक पुलिस वाले को कहा कि तुम्हें पता है मैं कौन हूं ?, तुमने मेरी कार कैसे उठाई। सपा प्रत्याशी दीपमाला कुशवाहा ने ट्रैफिक पुलिस वाले को बीच सड़क पर जमकर खरी-खोटी सुनाई, इतना ही नहीं ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)