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सिरदर्द बनी आतंकियों के AK-47 से निकली 'स्टील बुलेट'

भारत के कई बार एतराज जताने के बाद भी चीन लगातार पाकिस्तान को हथियार मुहैया कराता रहता है. आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार   जब सुरक्षाकर्मी कश्मीर में उपद्रवियों पर पैलेट इस्तेमाल कर रहे थे, उनके हितैषी कोर्ट तक पहुँच गए, संसद में हंगामा किया। लेकिन अब जब उपद्रवी सुरक्षाकर्मियों पर हैंड ग्रेनेड और आतंकवादी स्टील बुलेट इस्तेमाल कर रहे, किसी में सुरक्षाकर्मियों की रक्षा के कोर्ट जाने का साहस नहीं कर पा रहे। सबको साँप सूंघ गया। भारतीय सुरक्षाकर्मी मरते हैं, मरने दो, लेकिन छद्दम देशप्रेमी नेताओं के वोट बैंक को किसी प्रकार की क्षति न होने पाए। कहते हैं कि पाकिस्तान और अलगाववादियों से बातचीत करनी चाहिए। अब कोई इनसे पूछे, "इतने वर्षों तक तुम सब क्या कर रहे थे?क्यों नहीं बातचीत से मसला सुलझाया? कश्मीर मसले पर विशेषज्ञ सुशील पंडित की बात शत-प्रतिशत चरितार्थ हो रही है, कि "पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत, भारत में मिनी पाकिस्तान और हज़ारों समर्थक हैं।"  अवलोकन करें:-- http://nigamrajendra28.blogspot.com/2018/05/blog-post_5.html NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM ...

चिंतन : लोकतन्त्र के नाम पर लोकतन्त्र का क़त्ल !!!

ये आरक्षण है आरक्षण मांगने वालों की मानसिकता; प्रमाण स्वयं दे रहे हैं।  प्ले कार्ड देखिए Reserved Nation Divided Nation  ढाई इंच की चमड़े की लचीली ज़ुबान से ब्राह्मणो,ठाकुरो,वैश्यों और वर्णव्यवस्था को गाली देने में कत्तई मेहनत नहीं लगती, कोई भी दे सकता है। लेकिन मेहनत लगती है 2500 वर्षो के इतिहास का सही अवलोकन करने में जो कोई करना नहीं चाहता। "जय भीम", "पाटीदारों को आरक्षण दो" आदि आदि नारे लगाने और इनको समर्थन देने वाले देश में जो अशान्ति फ़ैलाने का दुस्साहस कर रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब यही आन्दोलन अपनी दिशा विपरीत करने पर इन्ही को जलाकर राख कर देगा। इतिहास साक्षी है। इसी को तलाशते इंटरनेट पर आंखें खोलने वाले इतने लेख मिले, जिन्हे अध्ययन करने पर देखा कि इतने लोग देश के वास्तविक इतिहास के ज्ञाता हैं, शिवशौर्या का भी अति गम्भीर लेख पढ़ने को मिला, जिसे पढ़, सोंचा अपने ब्लॉग के माननीय पाठकों से साझा कर लिया जाए। लेकिन वास्तव में भारत में कुर्सी के भूखे नेताओं ने वास्तविक इतिहास को धूमिल कर अपनी तिजोरियाँ भरने और मालपुए खाने में जनता को कितना पागल बना रहे हैं...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)