अन्ना हजारे ने भूमि अधिगृहण अध्यादेश के खिलाफ देेश के किसानों को ढाल बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी अध्यादेश फिर से शुरू कर दी है। तमाम मीडिया घराने अन्ना के आन्दोलन को महत्व दे रहे हैं। लेकिन इस आंदोलन को अन्ना जिन मर्म भावना से जोड़कर अध्यादेश को इर्द-गिर्द क्लास लगाने वाले इस बात को भी समझ लें कि आज दिल्ली में मुख्यमंत्री पद पर विराजमान अरविंद केजरीवाल अन्ना के मंच की ही देन है, जो किसी समय अपने मंच से ही राजनीति को छि-छि कहते थे और दंम करते थे कि उनके मंच पर कोई रानीतिक दल विराजमान नहीं हो सकता। अन्ना कथनी और करनी के अंतर नहीं समझते, केजरीवाल मे मंच पर पहुंचने पर अन्ना सफाई देते हैं कि केजरीवाल अब सिर्फ नेता ही नहीं, दिल्ली का मुख्यमंत्री भी है। अन्ना जी यदि कोई मुख्यमंत्री नेता नही होता तो सिर्फ केजरीवाल हो क्यों? अखिलेश यादव क्यों नहीं? या फिर नितीश क्यों नहीं? अन्ना को शायद यह भी याद रखना चाहिए कि कुछ ही दिन पूर्व उन्होंने ही कहा था कि राहुल गांधी भी आपके आन्दोलन में सम्मिलित होकर सपोर्ट दे सकते है। 17 मार्च 2014 को पश्चिम...