16 जून 2017 से सरकार ने निर्णय लिया कि तेल कीमतें रोजाना बढ़ेंगी और घटेंगी, ये सरकार का एक और मास्टर स्ट्रोक था जनता की स्मृति को भ्रमित कर उसकी जेब से और पैसा ऐंठने का, ये पिछले तीन महीने में जनता के साथ तेल कंपनी और सरकार द्वारा मिलकर किया गया घोटाला है जिसमें 19340 करोड़ का चूना जनता की जेब को लगाया गया है। जनता के समक्ष तथ्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत है। 2 जुलाई 2017 को भारतीय बाज़ार में प्रति बैरल क्रूड (डॉलर कीमत संतुलन के पश्चात) का भाव 3101 रु था, और खुदरा बेचान मूल्य पेट्रोल का 65.76 रु ( औसत मूल्य बी पी सी एल और आई ओ सी) और डीजल का 57.16 रु प्रति लीटर था। 1 सिंतबर 2017 को भारतीय बाज़ार में प्रति बैरल क्रूड का भाव 3006 रु था, और पेट्रोल का खुदरा बेचान मूल्य 71.93 रु और डीजल का बेचान मूल्य 61.08 रु था। यहां अगर तथ्य को विश्लेषित किया जाए तो स्पष्ट है कि इन तीन महीनों में भारतीय बाज़ार में क्रूड के दाम में 95 रु की कमीं आयी है वहीं पेट्रोल और डीजल के दाम में क्रमश: 6 रु 17 पैसे और 3 रु 92 पैसे की वृद्धि की गई है। 19340 करोड़ का घोटाला-खामोश जनता और मीडिया अगर 2015 के पेट्रोल...