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क्या राहुल गाँधी मुग़ल साम्राज्य के अंतिम अध्याय यानि बहादुर शाह ज़फ़र सिद्ध होंगे ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  वैसे तो यह टिप्पणी कांग्रेस के तपस्वी और निर्भीक नेता बाबू गंगाशरण सिंह ने भारत-पाकिस्तान युद्ध से कुछ समय पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के लिए की थी, लेकिन आज यह टिप्पणी पार्टी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर सटीक बैठती है। बाबू गंगाशरण सिंह इस्पाती नेता थे। आज कांग्रेस में ऐसे नेताओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती। आज तो कांग्रेस में प्लास्टिक के नेता भी नहीं है। गंगा बाबू ने लुंजपुंज और ढुलमुलिया लाल बहादुर शास्त्री की कार्यशैली से बेहद ख़फ़ा थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था : कांग्रेस अब मुग़ल साम्राज्य की तरह राजनीति का अंतिम अध्याय बनती जा रही है और लाल बहादुर शास्त्री बहादुर शाह ज़फ़र के ताज़ा संस्करण हैं। बाबू गंगाशरण सिंह रीढ़ वाले नेता थे और रीढ़ में स्टील की रॉड डलने से पहले भी उनका मेरुदंड लौह सशक्त था। उन्होंने यह टिप्पणी शास्त्री जी की उस कार्यशैली पर की थी, जैसा अंदाज़ आजकल राहुल गांधी का हम देखते हैं। लेकिन शास्त्री के लिए गंगाशरण की काफी हद तक गलत थी, क्योंकि पार्टी स्तर पर शास्त्री की भूमिका ...

हिंदुओं को तोड़कर नया धर्म बनवाना चाहती है कांग्रेस!

हिंदू धर्म में ‘फूट डालो राज करो’   की कांग्रेसी नीति कर्नाटक में एक नए और ज्यादा खतरनाक रूप में सामने आ रही है। बीते कुछ समय से राज्य में लिंगायत समुदाय का एक धड़ा खुद को हिंदू धर्म से अलग मान्यता देने की मांग कर रहा है। इसके पीछे सीधे तौर पर कांग्रेस का हाथ रहा है। कुछ साल से इसे लेकर अटकलबाजी होती रही है, लेकिन अब यह खुलकर सामने आ गया है। ऐसे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अलग लिंगायत धर्म की मांग के पीछे दरअसल सोनिया गांधी का हाथ है। अब तक कांग्रेस हाईकमान यह दिखाता रहा है कि अलग लिंगायत धर्म के मुद्दे को उनका समर्थन नहीं है। जबकि उन्हीं की पार्टी के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खुलकर हिंदू धर्म के बंटवारे की मांग को हवा देने में जुटे हैं। न्यूज़लूज़ से बातचीत में कर्नाटक सरकार के एक मंत्री ने इस बात की पुष्टि की कि लिंगायत को अलग धर्म की मान्यता देने पर सिद्धारमैया की मांग को सोनिया गांधी का पूरा समर्थन है। लिंगायतों पर कांग्रेसी सियासत! कर्नाटक में लिंगायत समुदाय की आबादी 20 फीसदी के आसपास है। लिहाजा राजनीतिक ताकत के तौर पर उन्हें बेहद अहम माना जाता है। आम तौर पर ये लोग बीजेपी...

बांग्लादेश में मन्दिरों पर नमाज़ समय सारिणी ट्वीट की

असहिष्णुता केवल भारत में ही पाई जाती है यह तो मालूम चल गया है। भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसमे हर संभव धर्म, संस्कृति और परंपरा के लोग रहते हैं, फिर भी असहिष्णु का काला धब्बा क्यों? संभवतः क्योंकि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और हिन्दू समुदाय एक आसान लक्ष्य, वे मौखिक रूप से भी कुछ नहीं करते।  भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश – लगातार धार्मिक असहिष्णुता के निर्बाध स्तरों को प्रदर्शित करते हुए अभी तक सुर्खियों में कभी नहीं रहे। पाकिस्तान ने विशेष रूप से हिंदुओं का व्यवस्थित नरसंहार किया और हिन्दू बलूचियों का भी नरसंहार जारी रखा है। लेकिन यह सब बहुत आसानी से नजरअंदाज कर दिया गया। अब बांग्लादेश से ऐसी असहिष्णुता का एक ऐसा उदाहरण आ रहा है कि सब हिन्दुओं के होश उड़ जाएंगे।  एक ट्वीट के मुताबिक, बांग्लादेश के कई मंदिरों में एक समय सारणी प्रदर्शित की गई है, जिस समय पर हिंदू प्रार्थना कर सकते हैं ताकि उनकी प्रार्थना नमाज के समय न हो सके।  ऐसा नहीं है जो वास्तव में धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में होता है प्रत्येक धर्म, बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक में, समान ...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)