आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्पर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी मिलना मुश्किल हो गया है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स को ईपीएफ एक्ट के तहत सोशल सिक्योरिटी कवर मुहैया कराने के खिलाफ राय दी है। हालांकि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर अभी फैसला करना है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने क्या कहा आंगनवाड़ी वर्कर्स ओर आंगनवाड़ी हेल्पर्स को पीएफ और मेडिकल फैसिलिटी देने के प्रस्ताव पर लेबर मिनिस्ट्री की सलाह पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई है। इस बैठक में महिला बाल विकास के प्रतिनिधियों ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्पर्स ऑनरेरी वर्कर्स के तौर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में अपने एक फैसले में कहा था कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्पर्स सिविल पोस्ट पर नहीं है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि ऐसे में आंगनवाड़ी वर्कर्स और आंगनवाड़ी हेल्पर्स को ईपीएफ एंड एमपी एक्ट, 1952 के तहत सोशल सिक्योरिटी कवर मुहैया कराना संभव नहीं...