जिप्सी का गेट खुलते ही पत्थरबाजों की भीड़ ने कमांडेंट एसएस यादव को गाड़ी से बाहर निकालने की कोशिश की थी जम्मू कश्मीर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए बड़ी दुविधा की स्थिति है। घाटी में उनको अपने लिए एक तरफ खाई नजर आती है तो दूसरी तरह कुआं दिखाई देता है।आलम यह है कि आतंकियों के हमदर्द उनको चोट पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं, वहीं दूसरी तरफ आतंकियों के हमदर्दों के बीच से किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले CRPF के जवानों को मुजरिमों की तरह पुलिस के सवालों का सामना करना पड़ता है। जी हां, यही है जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाकर्मियों की जिंदगानी का एक दर्दभरा सच। हाल में कुछ ऐसी ही बानगी श्रीनगर से महज चार किलोमीटर की दूरी पर बसे नौहट्टा शहर में हुई घटना में देखने को मिली है। यहां हुई वहशियाना घटना में पत्थरबाजों की भीड़ ने जिप्सी में सवार CRPF के कमांडेंट सहित छह जवानों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। इस मामले में जान लेने पर उतारू पत्थरबाजों के खिलाफ जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई तो नहीं हुई, लेकिन क...