पेंटागन ने पाकिस्तान को 30 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद रोक दी है, जिसे अमेरिका की पाकिस्तान से अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने पर नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। समाचार पत्र ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टम्प के हवाले से कहा कि रक्षा सचिव एश्टन बी. कार्टर ने मदद रोकने का फैसला लेते हुए कहा कि पाकिस्तान ने हक्कानी आतंकवादी समूह के खिलाफ पर्याप्त कदम उठाए हैं, जो तालिबान का सहायक आतंकवादी संगठन है और अफगानिस्तान में अमेरिका और संयुक्त सेना पर हमले करता रहा है। स्टम्प ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान और हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पाकिस्तानी धरती पर चल रहे मौजूदा सैन्य अभियान के आधार पर पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद रोकने का निर्णय लिया गया। पाकिस्तान में सैन्य अभियानों के लिए इस अमेरिकी मदद को काफी अहम माना जा रहा था, जिस पर विराम लग गया है। इसके साथ ही यह फैसला वाशिंगटन और पाकिस्तान के बीच संबंधों में रूखेपन को उजागर करता है, क्योंकि पाकिस्तान के कई अधिकारियों पर आतंकवादी संगठनों के साथ दोहरा संबंध बनाए रख...