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अब क्या 100 रुपए के इन नोटों की होगी 'नोटबंदी'?

नोटबंदी के बाद से देश में कैश किल्लत होना मानो आम बात सी हो गई है। पिछले एक महीने में कई बार ऐसा सुनने को मिला कि कैश की किल्लत है।नोटबंदी के दिनों की तरह एटीएम से कैश गायब। लेकिन, केंद्र सरकार और आरबीआई इस बात को नकारते रहे कि कैश की किल्लत है। आरबीआई के मुताबिक, सिस्टम में पर्याप्त मात्रा में नोट हैं और नोटों की छपाई भी बढ़ाई गयी है। फिर क्या कारण है एटीएम में पैसा नहीं। कहीं-कहीं तो बच्चों एवं चूर्ण के नोट एटीएम से बाहर आते हैं, क्या आरबीआई या बैंक ने एटीएम से इस तरह के नोट निकलने को गंभीरता से लिया? अगर लिया है तो कितने लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी है? किन उपद्रवियों के कहने पर एटीएम में चूर्ण या बच्चों के नोट डाले गए?   हालांकि, 2000 रुपए के नोट को लेकर कहा गया कि इनकी छपाई फिलहाल रोक दी गई है. अब एक नई समस्या आम जनता के सामने आने वाली है. फिर से नोटबंदी हो सकती है. हालांकि, इस बार कोई नोट बंद नहीं हो रहा है. लेकिन, समस्या लगभग वैसी ही है. दरअसल, अब 100 रुपए के पुराने और मटमैले नोट की वजह से संकट गहरा सकता है.  क्यों होगी 100 रुपए की 'नोटबंदी' बैंकर्स...

ISI ने 2000 रुपए के नोटों के सिक्योरिटी फीचर्स को किया कॉपी

नोटबंदी के फैसले के बाद जारी किए गए 2000 के नए नोटों की नकल पकड़े जाने के बाद देश की खुफिया एजेंसियों ने केंद्र सरकार को आगाह किया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सरकार को आगाह किया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने 2000 रुपए के नए नोटों के करीब 8 से 10 सिक्योरिटी फीचर्स को कॉफी करने में सफतला हासिल कर ली है। नवंबर में मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी का फैसला लिया गया था। जिसका एक उद्देश्य नकली करेंसी को अर्थव्यवस्था से बाहर करना भी था। एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में केंद्र को भेजे गए एक नोट में कहा गया है कि आईएसआई और उसके गुर्गों ने कुछ सिक्योरिटी फीचर्स की कॉपी कर ली है, लेकिन वह उस पेपर तक नहीं पहुंच पाए हैं, जिसका उपयोग नोट छापने के लिए किया जा रहा है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आईएसआई और उसके गुर्गों उन कागजों तक न पहुंच पाए जो करेंसी छापने के लिए भारतीय प्रिटिंग प्रेस या मिंट में सप्लाई किए जाते हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में एनआईए ने बीएसएफ के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन किया था, जिसमें बॉर्डर के नजदीक स्थित मालदा में ...

विमुद्रीकरण उर्फ़ नोटबंदी कांग्रेस के लिए गले की हड्डी?

विमुद्रीकरण जिसे विपक्ष  नोटबंदी का नाम दे रहा है, वास्तव में विमुद्रीकरण   तो नरेन्द्र मोदी ने काले धन और जाली नोटों पर नियंत्रण के लिए किया था परंतु नोटबंदी से एक ऐसा घोटाला देश के सामने कुछ दिनों में आने वाला है, जिसके बारे में कोई आम आदमी तो कल्पना तक नहीं कर सकता। आपको शायद पता नहीं होगा कि नोटबंदी की वजह से पूर्व कांग्रेस सरकार का सबसे बड़ा घोटाला सामने आने वाला है और मैडम यानी सोनिया गाँधी और सर यानी मनमोहन सिंह पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है, इन्हीं मैडम और सर को बचाने के लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है, इन्हीं मैडम और सर को बचाने के लिए कांग्रेस नोटबंदी के आदेश को रद्द कराने के लिए जी जान से लगी है। विमुद्रीकरण उर्फ़ नोटबंदी कांग्रेस के लिए गले की हड्डी  कांग्रेस के पास नोटबंदी को रद्द कराने का एक ही उपाय है और वह है सुप्रीम कोर्ट। इस वक्त कांग्रेस ने अपने वकीलों की पूरी फ़ौज सुप्रीम कोर्ट में खड़ी कर दी है। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के दर्जनों वकील नोटबंदी के खिलाफ याचिकाओं की पैरवी कर रहे हैं। अब आप सोचिये सुप्रीम कोर्ट में नोटबंदी के खिलाफ याचिकाएं ...

प्रभावी विमुद्रीकरण के दूरगामी परिणाम

जनवरी 11 को स्वदेशी जागरण मंच करोल बाग जिले द्धारा कैशलेस विषय पर यशवंत चौहान, विभाग संयोजक व  प्रांत प्रचार प्रमुख दिल्ली की अध्यक्षता में सुनील बंसल जिला संयोजक करौल बाग ने रघुनाथ मंदिर दिल्ली गेट, नई दिल्ली में विचार गोष्ठी  का आयोजन किया .जिसमे डॉ. आनन्द कुमार सिंह, दिल्ली विश्वविधालय, डॉ. अनीस गुप्ता  विश्वविधालय, डा ज्योति प्रकाश वर्मा ,दिल्ली विश्वविधालय, भाजपा ज़िला चांदनी चौक अध्यक्ष अरविन्द गर्ग आदि ने बहुत ही सरल शैली में कैशलेस एवं लेस कैश से होने वाले लाभों से  सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगो का ज्ञानवर्धन किया .कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह-महिला प्रमुख श्रीमति सुधा शर्मा जी स्वदेशी जागरण मंच और  श्रीमति सोना कुमारी जी, सह-महिला प्रमुख,दिल्ली प्रांत,और श्री राकेश गोस्वामी ,क्रीडा भारती भी उपस्थित रहे। यशवंत जी ने झंडेवालान विभाग के सुनील बंसल,पवन शर्मा , सुनील बंसल एवम सतीश गुप्ता आदि द्वारा इस गोष्ठी के आयोजन करने में जो प्रयास किया है, बहुत ही सराहनीय काम किया है। और हम सब का भी कर्तव्य है कि कम से कम एक व्यक्ति को मोबाइल के माध्यम से भी...

आ गया 2000 रूपए का नकली नोट

8 नवंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के फैसले से कई लोग नाखुश हैं तो कुछ लोग इससे बहुत खुश भी हैं। इस बीच नोट बंद होने से कई जगह लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर 500 और 1000 के नोटो को नहीं लिए जाने के कारण जान चली गई। नोट बैन किया गया है ताकि नकली नोटों पर लगाम लगाया जा सके लेकिन अभी असली 2000 और 500 के नोट बाजार में सही से आए भी नहीं की नकली नोट ने बाजारों में अपनी दस्तक दे दी है। जी हां नोटबंदी के बाद अभी तक 500 और 2000 के नए नोट लोगों तक पहुंचे भी नहीं है लेकिन 2000 के नकली नोट की खबरें आने लगी हैं। चिकमंगलूर के एपीएमसी बाजार में 2000 रुपए का नकली नोट सब्जी वाले को किसी ने पकड़ा दिया जिसे सब्जी वाले ने बाद में वापस कर दिया। पुलिस ने मामले पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। एनबीटी  की खबर के मुताबिक, नकली नोट का रंग हूबहू नए 2000 के नोट की तरह है। नोट को देख कर लग रहा है कि उसके किनारों को कैंची से काटा गया है। लोगों को अभी 500 और 2000 के नोट की पहचान नहीं हो पाई है जिसका फायदा उठाया जा सकता है। गौरतलब है...

कब्रिस्तान में ही क्यों फेंके जा रहे हैं नोटों से भरे बोरे

देश भर में 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद जहां एक तरफ पूरे देश में अफरा-तफरी मची हुई है वहीं दूसरी तरफ काले धन के मालिक भेद खुलने से बेहद डरे हुए हैं। इसी तरह का एक मामला गाजियाबाद में सामने आया है। यहां करीब 100 कार्टन में नोट भरकर कोई कब्रिस्तान में छोड़ गया। जब पुलिस को इसकी सूचना मिला तो पुलिस आनन फानन में मौके पर पहुंची। इतने नोट देखकर पुलिस भी सन्न रह गई। मामला गाजियाबाद के लिंक रोड स्थित एक कब्रिस्तान का है। जहां करीब 100 कार्टन मिलने से हड़कंप मच गया। लोगों ने यह नजारा देखा, तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्टन खुलवाए तो सन्न रह गई। कार्टन में नोट भरे हुए थे। पुलिस अंदेशा जता रही है कि कल प्रधानमंत्री द्वारा 500 और हजार के नोट बंद करने के एलान के बाद भेद खुलने के डर से काले धन का मालिक ये नोट कार्टन में भर कर यहां छोड़ गया होगा। फिलहाल डब्बों को खोलकर देखा जा रहा है। दिल्ली से सटे नोएडा से भी कब्रिस्तान में नोटों से भरे बोरे फैंके जाने के समाचार मिलने से शंका होती है कि "आखिर क्यों इस तरह नोटों को कार्टन एवम बोरों में भर कर भेजे जाने वाल...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)