नोटबंदी के बाद से देश में कैश किल्लत होना मानो आम बात सी हो गई है। पिछले एक महीने में कई बार ऐसा सुनने को मिला कि कैश की किल्लत है।नोटबंदी के दिनों की तरह एटीएम से कैश गायब। लेकिन, केंद्र सरकार और आरबीआई इस बात को नकारते रहे कि कैश की किल्लत है। आरबीआई के मुताबिक, सिस्टम में पर्याप्त मात्रा में नोट हैं और नोटों की छपाई भी बढ़ाई गयी है। फिर क्या कारण है एटीएम में पैसा नहीं। कहीं-कहीं तो बच्चों एवं चूर्ण के नोट एटीएम से बाहर आते हैं, क्या आरबीआई या बैंक ने एटीएम से इस तरह के नोट निकलने को गंभीरता से लिया? अगर लिया है तो कितने लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गयी है? किन उपद्रवियों के कहने पर एटीएम में चूर्ण या बच्चों के नोट डाले गए? हालांकि, 2000 रुपए के नोट को लेकर कहा गया कि इनकी छपाई फिलहाल रोक दी गई है. अब एक नई समस्या आम जनता के सामने आने वाली है. फिर से नोटबंदी हो सकती है. हालांकि, इस बार कोई नोट बंद नहीं हो रहा है. लेकिन, समस्या लगभग वैसी ही है. दरअसल, अब 100 रुपए के पुराने और मटमैले नोट की वजह से संकट गहरा सकता है. क्यों होगी 100 रुपए की 'नोटबंदी' बैंकर्स...