बिहार के प्रिंट मीडिया मे पिछले कुछ वर्षों से मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव के नाम से मशहूर आर के श्रीवास्तव के द्वारा आर्थिक रूप से गरीबों की नहीं रूकेगी पढ़ाई अभियान चलाया जा रहा है जिसका लाभ से आज काफी गरीब बच्चे आइआइटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानो मे जा चुके है. बिक्रमगंज जैसे एक छोटे से शहर के आर के श्रीवास्तवा ने इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों के नन्हे सपनो को साकार करने की जदोजहद में लगे। आर के श्रीवास्तव की जिंदगी भी कम दिलचस्प नही है. बचपन के 5 वे साल में पिता पारसनाथ लाल के गुजरने से अनाथ हुए श्रीवास्तव को युवा अवस्था में भी एक जोरदार का झटका लगा. पिता के स्थान पर बड़े भाई शिव कुमार श्रीवास्तव का भी साथ 2014 में छूट गया जब उनकी हो गई पिता की मृत्यु से गांव राजपुर जमोढ़ी को छोड़ बिक्रमगंज बसा परिवार कभी कड़ी मुश्किलों से गुजर चुका है .आज इनके कड़े परिश्रम और गणित के प्रति लगाव से आर के श्रीवास्तव भी एक ब्रांड बनने की राह पर अग्रसर है। देश के प्रतिष्ठित लोग भी श्रीवास्तव का लोहा मान चुके है तथा मैथेमेटिक्स गुरू के आर्थिक रूप से गरीबों के नही रूकेगी पढ़ाई अभियान की सभी ने सर...