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पत्रकार रोहित सरदाना को मिल रही धमकियां

जनसत्ता के अनुसार हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक के एंकर और पत्रकार रोहित सरदाना ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मदद मांगी है। रोहित का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को कुछ नंबर्स के द्वारा फोन पर लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने उन फोन नंबर्स की सूची भी ट्विटर के माध्यम से शेयर की है। उन्होंने सीएम योगी, यूपी पुलिस और राजनाथ सिंह को ट्वीट कर कहा, ‘कृपया संज्ञान लें। इन नंबर्स से लगातार मुझे और मेरे परिवार को धमकाने वाले फोन कॉल्स आ रहे हैं। कृपया उचित कार्रवाई करें।’ इसके साथ ही उन्होंने सैयद मेहंदी नाम के एक व्यक्ति का ट्वीट भी शेयर किया है। सैयद मेहंदी ने सरदाना को काफी अभद्र भाषा में भला-बुरा कहा है। इस ट्वीट को शेयर करते हुए सरदाना ने जानकारी दी है कि इस व्यक्ति ने उन्हें करीब दस ट्वीट्स किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘ये सज्जन गालियों भरी भाषा में दसियों ट्वीट कर चुके हैं, लेकिन ‘ओवरटाइम’ नहीं कर रहे!’ इससे पहले भी पत्रकार ने ट्विटर पर कहा था कि उन्हें मजा चखाने के लिए कोई आबिद, कोई नकवी, कोई हैदर- लखनऊ, गुजरात, अफ्र...

क्या बंगाल में ‘बगदादी की सरकार’ चला रही हैं ममता?

दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा और  हनुमान जयंती जैसे हिंदू पर्वों पर बंदिशें लगाने के बाद पश्चिम बंगाल में इस साल से छठ मनाना भी आसान नहीं रहेगा। शुरुआत हुई है सिलिगुड़ी से जहां महानंदा नदी में छठ पूजा करने पर रोक लगा दी गई है। दार्जिलिंग की जिलाधिकारी ने नदी में छठ के लिए अस्थायी घाट बनवाने से भी इनकार कर दिया है और कहा है कि जो कोई भी यहां छट मनाते देखा गया उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बहुत दबाव के बाद नदी के किनारे से कुछ दूरी पर गड्ढे बनाकर उनमें छठ मनाने को कहा गया है। बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने ये आदेश नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश का हवाला देते हुए दिया है। जबकि बंगाल में ही पर्यावरण को लेकर एनजीटी के कई आदेशों पर अमल नहीं हो रहा है। लेकिन हिंदू पर्व होने के नाते छठ पर पाबंदी फौरन लगा दी गई।  फूल-पत्तों से प्रदूषण का खतरा! एनजीटी ने एक अजीबोगरीब तर्क दिया है कि छठ के कारण नदी में प्रदूषण हो रहा है। जबकि छठ में ऐसा कुछ भी नहीं होता जिससे नदी प्रदूषित हो। भगवान सूर्य को अर्घ्य के रूप में नदी का ही पानी अर्पित किया जाता है उसमें थोड़े से फूल और पत्ते...

क्या यह नगमा के अभिव्यक्ति स्वतंत्रता का हनन नही है ?

मोदी और योगी की पेंटिंग बनाने पर प्रताड़ित हुई नगमा  उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के मोहम्मद शमशेर खान की पुत्री नगमा परवीन (24 ) को ससुराल वालों ने इसलिए घर से निकाल दिया, क्योंकि उसने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेटिंग बनाई थी । नगमा परवीन का विवाह हाजी सेराजूल खान के पुत्र परवेज खान के साथ 26 नवंबर, 2016  को हुआ था । नगमा अपने ससुराल में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पेंटिंग बनाने लगी । पेंटिंग पूरी होने पर उसने अपनी पेंटिंग पति परवेज को दिखाई, जिसके बाद गुस्साए पति ने ससुराल वालों के साथ मिलकर पत्नी को मारापीटा और पागल बता कर घर से निकाल दिया । नगमा के पिता को इस बारे में पता चला तो वो बेटी के ससुराल पहुंचे जहां नगमा के ससुराल वालों ने नगमा को पागल बताया और सबूत के तौर पर मोदी और योगी की पेंटिंग दिखाई, जिसके बाद पिता उसे लेकर चले गए । बताते हैं कि, इसी बीच नगमा को परवेज के दूसरे विवाह करने की बात की भनक लगी, जिस पर वह दो दिन पहले ससुराल पहुंच गई । परंतु ससुराल ...

बोलने की आज़ादी में भारत मुर्दाबाद ही क्यों आता है?-- सनी देओल

अगर देखा जाए तो धर्मेंद्र द्वारा किए गए कार्य उतने नहीं सराहे गए जितना उनके पुत्र सनी देओल ने किया।  सनी देओल एक ऐसे किरदार को निभाते चले आए हैं जिसमें देश भक्ति अक्सर देखने को मिलता है।  यानि की फिल्में ऐसी फिल्म जिसमें उन्होंने देशभक्ति का रोल करके लोगों का दिल जीत लिया। सनी देओल यूं ही नहीं लोगों के दिलों पर राज करते हैं बुलंद आवाज और उनका किरदार देखने लायक होता था। उन्होंने कई देशभक्ति फिल्मों में एक देशभक्त की अच्छी भूमिका निभाई जैसे गदर, मां तुझे सलाम , बॉर्डर ऐसी तमाम फिल्मों में उन्होंने देश को सबसे बड़ा बताकर बहुत नाम कमाया इन्होंने फिलहाल कुछ दिनों से फिल्में काम नहीं कर रहे है।    लेकिन उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में उन लोगों से कुछ सवाल पूछा जो देशद्रोही है और हिंदू धर्म के खिलाफ आवाज उठाते हैं और गाय मांस खाने का पैरवी करते हैं। सनी देओल ने 2 सवाल पूछा पहला सवाल यह था कि यदि बोलने की स्वतंत्रता है तो भारत माता की जय क्यों नहीं? दूसरा सवाल यदि आपको गाय का मांस खाने की आजादी है तो सूअर का मांस खाने की आजादी क्यों नहीं। दोस्तों ये दो सवाल ऐसे ...

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shannomagan
To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)