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मोदी की राह में काँटे बिछाते अरुण जेटली

लोकतन्त्र एक ऐसी शासन प्रणाली है-जो 'सम्मोहन' के जादुई खेल से चलायी जाती है। कोई भी ऐसा राजनीतिज्ञ जो इस 'सम्मोहन' की जादुई क्रिया को जानता हो-देर तक किसी देश पर शासन कर सकता है। नरेन्द्र मोदी ने अपने इस सम्मोहन से भाजपा को शिखर तक तो पहुंचा दिया, लेकिन जो साथ अपने सहयोगियों से मिलना चाहिए था, पूर्णरूप से नहीं मिल पा रहा। ऐसा नहीं है कि किसी न नहीं मिल रहा, केवल  कुछ ही लोगों का सहयोग मिल रहा है। क्योकि इतने वर्षों तक उन्हें केवल मालपुए खाने की आदत पड़ी हुई थी। अभी भी देख लो, फेसबुक और व्हाट्सअप के जरिए फोटो डाल उच्च पदाधिकारियों की आँखों में धूल झोंकी जा रही है। दिल्ली में ही देख लो, पता नहीं कितने मंडल बिखड़े पड़े हैं। चुनाव के समय पुरानों को पार्टी में उनकी भक्ति को जगा,उच्च पदाधिकारियों के सामने भीड़ जमा करवा देंगे। खैर आते हैं असली मुद्दे पर: भारतवर्ष में स्वतंत्रता के पश्चात नेहरूजी देश के प्रधानमंत्री बने तो उनका व्यक्तित्व तो जादुई नहीं था-पर वह 'सम्मोहन' पैदा करने के जादू को अवश्य जानते थे, जिससे लोग उनके प्रति आकर्षित हुए और मजबूती के साथ उनसे जुड़ गये...

पेट्रोल और डीजल के बाद अब बिजली दरों में वृद्धि

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  अभी जनता पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों से उभर भी नहीं पायी कि सरकार ने बिजली के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी। इन बढ़ी दरों से सबसे अधिक प्रभावित केवल वही उपभोक्ता होगा, जो ईमानदारी से बिजली उपयोग कर निश्चित तिथि पर भुगतान कर रहा है। बिजली की चोरी करने वालों की तरफ से चाहें जितने दाम बढ़ जाएं, उन्हें चिंता नहीं। आर.के. सिंह ने बिजली चोरी रोकने के लिए क्या कानून बनाए या वर्तमान में बने कानूनों के अंतगर्त कितने प्रतिशत बिजली चोरी रोकी गयी है? मंत्री महोदय ने क्या ईमानदार उपभोक्ताओं के विषय में सोंचा? तारें बदलने से या मीटर घरों से बाहर लगाने से बाहर बिजली नहीं रूकती, विपरीत इसके बिजली कंपनियों पर अधिभार बढ़ रहा हैं। लोगों के घर और कार्यालय एयर कंडीशन है लेकिन बिजली के बिल? क्या पावर मंत्री ने लेशमात्र भी मन्थन करने का प्रयास किया? यह बहुत गम्भीर मुद्दा है, मंत्री महोदय। देश भर में बिजली 62 से 93 पैसे प्रति किलोवाट यानी 20 फीसदी महंगी हो सकती है। पावर मिनिस्टर आर. के सिंह ने जनवरी 2 को पार्लियामेंट में एक सवाल के जवाब में कहा कि कोल फायर्ड पावर प्ल...

गरीबी के नाम पर फिर जनता को ठगती सरकार

भारत की स्वतन्त्रता से लेकर आज तक जनता को गरीबी के नाम पर ठगा जा रहा है। न जाने कितनी पार्टियाँ इसी मुद्दे को लेकर बन चुकी है, लेकिन गरीब वहीँ का वहीँ। आखिर कब तक जनता को गरीबी के नाम पर ठगा जाता रहेगा? मंत्रीजी वास्तविकता से इतने अज्ञान हैं कि : 1. पहले ही पेट्रोल और डीजल पर इतने टैक्स है कि इनके दाम लगभग तीन गुना अधिक हो गए है; 2. इनके दाम बढ़ाने का मतलब है, हर चीज़ के मूल्यों में वृद्धि। यदि वर्तमान सरकार के केंद्रीय मन्त्री भी इस तरह के बयान देंगे तो पिछली सरकारों और वर्तमान सरकार में क्या अन्तर है। यानि चोर चोर मोसेरे भाई।   केन्द्रीय पर्यटन मंत्री अल्फोंज कन्ननाथनम ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर विवादास्पद बयान दिया है। अल्फोंज ने कहा है कि जो लोग पेट्रोल डीजल खरीद रहे हैं वो गरीब नहीं है और ना ही वो भूखे मर रहे हैं। अल्फोंज ने कहा कि पेट्रोल खरीदने वाले कार और बाइक के मालिक हैं। उन्हें पेट्रोल डीजल पर ज्यादा टैक्स देना ही पड़ेगा। बता दें कि पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतें के बीच ये बात सामने आई है राज्य सरकार द्वारा वैट की अत्यधिक दरों और केन्द्र सरका...

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To write on general topics and specially on films;THE BLOGS ARE DEDICATED TO MY PARENTS:SHRI M.B.L.NIGAM(January 7,1917-March 17,2005) and SMT.SHANNO DEVI NIGAM(November 23,1922-January24,1983)